कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित संस्मरणात्मक पुस्तक बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव (Belonging: A Journey of Love) रिलीज से पहले ही बड़े राजनीतिक विवादों में घिर गई है। आरोप है कि भारत में इस किताब के प्रकाशन को लेकर पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया पर कुछ खास अंश हटाने का दबाव डाला गया था।
अशोक गहलोत का बड़ा दावा वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने दावा किया है कि इस किताब के कुछ हिस्सों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS और मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान चीन द्वारा भारतीय जमीन पर कथित कब्जे से जुड़े संदर्भ शामिल हैं। गहलोत का आरोप है कि पेंग्विन इंडिया पर इन हिस्सों को हटाने या उसमें बदलाव करने का सरकारी दबाव था।
गहलोत ने सवाल उठाया, अगर किताब दुनिया के अन्य हिस्सों में अपने मूल रूप में छप सकती है, तो भारत में ही इसे लेकर अलग रुख क्यों अपनाया जा रहा है? यह सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।
पेंग्विन का स्पष्टीकरण क्या है? विवाद बढ़ता देख पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया ने सफाई दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह भारत में इस किताब की प्रकाशक ही नहीं है। पेंग्विन ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज किया है जिनमें दावा किया गया था कि लेखिका द्वारा सुझाव न मानने पर कंपनी ने किताब छापने से हाथ खींच लिए।
कंपनी का कहना है कि किसी भी पुस्तक के तथ्यों की जांच करना और सुधार के सुझाव देना एक सामान्य प्रकाशन प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने किसी भी प्रकार के सरकारी दबाव की पुष्टि नहीं की है।
किताब में क्या है खास? बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव सोनिया गांधी के निजी और राजनीतिक सफर का दस्तावेज है। इसमें उनके इटली के बचपन से लेकर राजीव गांधी के साथ विवाह, नेहरू-गांधी परिवार में प्रवेश और पति की हत्या के बाद राजनीति में आने की कहानी है। किताब में 2004 में प्रधानमंत्री पद छोड़ने के उनके ऐतिहासिक फैसले पर भी विस्तार से चर्चा की गई है।
सियासी गलियारों में हड़कंप कमलनाथ समेत कई कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का आरोप है कि सरकार से जुड़े लोग यह तय करने की कोशिश कर रहे हैं कि सोनिया गांधी अपनी किताब में क्या लिखें और क्या नहीं। वहीं, भाजपा ने इन आरोपों को कांग्रेस द्वारा माहौल खराब करने और राजनीतिक नैरेटिव सेट करने की कोशिश करार दिया है।
भारत में प्रकाशन पर सस्पेंस बरकरार फिलहाल, भारत में इस किताब का प्रिंट संस्करण कौन सी कंपनी छापेगी, इसे लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। हालांकि, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इसका ई-बुक संस्करण विलियम कोलिन्स (हार्पर कॉलिन्स का एक इम्प्रिंट) के नाम से सूचीबद्ध है। 10 नवंबर 2026 को निर्धारित इस किताब की रिलीज अब राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गई है।
#WATCH | Jaipur: On Penguin Random House India backing out of publishing Congress Parliamentary Party chairperson Sonia Gandhi s memoir ‘Belonging: A Journey of Love’, Congress leader Ashok Gehlot said, ...The book by author Sonia Gandhi was scheduled for release on November 10,… pic.twitter.com/6PIBZwrZUB
— ANI (@ANI) August 29, 2026
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