क्या गुरुग्राम को मिलेगी जलभराव से मुक्ति? जापानी तकनीक से बदलेगा शहर का ड्रेनेज सिस्टम
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गुरुग्राम में हर साल मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से अब जल्द निजात मिल सकती है। हरियाणा सरकार ने इस पुरानी समस्या के स्थायी समाधान के लिए जापानी तकनीक का रुख किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस महत्वाकांक्षी योजना का खाका पेश किया है।

जापानी कंपनी निप्पोन कोई कर रही सर्वे

हरियाणा सरकार ने जलभराव और ड्रेनेज सिस्टम के अध्ययन के लिए जापान की प्रतिष्ठित कंपनी निप्पोन कोई (Nippon Koei) को जिम्मेदारी सौंपी है। यह कंपनी वर्तमान में गुरुग्राम के उन निचले इलाकों का सर्वे कर रही है, जहां बारिश का पानी सबसे ज्यादा जमा होता है।

इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य पानी को नूंह के रास्ते से होते हुए यमुना बेसिन तक ले जाने के लिए एक कारगर रूट तैयार करना है। कंपनी अपनी रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर दीर्घकालिक ड्रेनेज व्यवस्था का निर्माण शुरू होगा।

सीवेज ट्रीटमेंट पर भी रहेगा विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का उद्देश्य केवल पानी की निकासी नहीं, बल्कि पर्यावरण का संरक्षण भी है। गुरुग्राम का गंदा पानी या सीवेज सीधे यमुना में नहीं बहाया जाएगा।

सरकार इसके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का उपयोग करेगी। पानी को उपचारित (ट्रीट) करने के बाद ही आगे छोड़ा जाएगा, ताकि जल प्रदूषण न हो और पानी का दोबारा इस्तेमाल भी संभव हो सके।

99 हॉटस्पॉट्स पर सरकार की पैनी नजर

सरकार सिर्फ जापानी सर्वे पर निर्भर नहीं है; धरातल पर कई अन्य स्तरों पर भी काम जारी है। गुरुग्राम में चिह्नित 99 जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग वेल लगाए जा चुके हैं। नालों की सफाई और गाद (silt) निकालने की प्रक्रिया की निगरानी अब हाई-टेक कैमरों से की जा रही है।

इसके अलावा, अरावली क्षेत्र में चेक डैम बनाना और 74 पुराने तालाबों को पुनर्जीवित करने का काम भी प्रगति पर है। सरकार ने आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर अगले मानसून से पहले 100 नए वर्षाजल संचयन ढांचे बनाने का लक्ष्य रखा है, जिससे 30 करोड़ लीटर तक पानी भूजल में रिचार्ज किया जा सकेगा।

चुनौती समय पर काम पूरा करने की

पिछले कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर गुरुग्राम के बुनियादी ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़कों पर भरे पानी ने ट्रैफिक और जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में, अब सबकी नजरें निप्पोन कोई की रिपोर्ट और उस पर अमल की गति पर टिकी हैं। अगर सरकार इन योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कर लेती है, तो गुरुग्राम के वासियों के लिए यह एक बड़ी राहत होगी।

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