JPSC-JSCC विवाद: सरकार-छात्रों की 5 घंटे की मैराथन बैठक बेनतीजा, कल होगा विधानसभा घेराव
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झारखंड में JPSC और JSCC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों का आंदोलन और तेज हो गया है। रविवार को रांची के स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब 5 घंटे तक चली वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। बैठक के बेनतीजा रहने के बाद छात्रों ने ऐलान किया है कि वे सोमवार, 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे।

शांतिपूर्ण घेराव पर अड़े छात्र बैठक के बाद छात्र नेता कुणाल ने दोटूक शब्दों में कहा कि आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने साफ किया, हमारा विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण होगा, लेकिन हम अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। हमें CBI जांच से कम कुछ भी मंजूर नहीं है, हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे।

सरकार का एक्शन प्लान: CID और ED जांच का दांव झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सरकार ने अनियमितताओं को हल करने के लिए एक रूपरेखा तैयार की है। सरकार ने जांच के लिए CID और ED दोनों का रुख करने का फैसला किया है। इसके साथ ही, एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा ताकि 90 दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा सके। परीक्षाओं में सुधार के लिए IIT-ISM, IIM रांची और XLRI के विशेषज्ञों की एक समिति बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया है।

परीक्षा रद्द करने पर अटका पेंच सबसे बड़ा विवाद CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पर है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और निगरानी में आयोजित की गई थी, इसलिए सरकार एकतरफा निर्णय लेकर इसे रद्द नहीं कर सकती। सरकार ने इसके बजाय एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र इस पर सहमत नहीं हुए।

सरकार का दावा: 98% मांगों पर बनी सहमति मंत्री ने दावा किया कि सरकार ने छात्रों की 98 प्रतिशत मांगों को मान लिया है। उन्होंने कहा, परीक्षा रद्द करने की मांग को पूरा करना कानूनन संभव नहीं है क्योंकि इसके परिणाम आ चुके हैं और सफल अभ्यर्थी नौकरी कर रहे हैं। सरकार ने छात्रों का भरोसा जीतने के लिए रिटायर जज वाली समिति का सुझाव दिया था, जो CID की कार्यप्रणाली पर नजर रखती।

सरकार का कहना है कि उन्होंने आंदोलन को समाप्त करने के लिए पूरी संवेदनशीलता दिखाई है, लेकिन अब गेंद छात्रों के पाले में है। वहीं, छात्रों की जिद और विधानसभा घेराव के ऐलान से राजधानी में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

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