इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (AU) में छात्रों का आक्रोश अब सड़क से होते हुए राजनीतिक मंचों तक पहुंच गया है। हाल ही में राहुल गांधी के सामने एक छात्र द्वारा अपनी यूनिवर्सिटी की बदहाली बयां करने का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें फीस वृद्धि से लेकर बुनियादी सुविधाओं के अभाव तक, कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
400% फीस वृद्धि की मार छात्र ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फीस में 400 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी की है। उसके अनुसार, पूर्वांचल से आने वाले अधिकांश छात्रों के परिवारों की मासिक आय 8 हजार रुपये से कम है। ऐसे हालात में 30 हजार रुपये तक की हॉस्टल फीस चुकाना उनके लिए असंभव है। उसने इसे देश की सबसे महंगी सुविधाओं में से एक करार दिया है।
लाइब्रेरी में बाढ़ और पीने के पानी का अभाव छात्र ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि लॉ फैकल्टी की लाइब्रेरी बारिश के समय किसी तालाब में बदल जाती है। पानी भरने के कारण वह बंद रहती है, जिससे छात्रों का कीमती समय बर्बाद होता है। इतना ही नहीं, जब छात्र साफ पानी के लिए वाटर कूलर की मांग करते हैं, तो प्रशासन का जवाब आता है— विश्वविद्यालय पानी पीने की जगह नहीं है, घर से पानी लेकर आओ।
पढ़कर कलेक्टर बनोगे क्या? : असंवेदनशील प्रशासन लाइब्रेरी को 24 घंटे खोलने की मांग पर छात्रों को प्रशासन की ओर से अजीबोगरीब जवाब मिल रहे हैं। छात्र का आरोप है कि उन्हें कहा गया, 24 घंटे लाइब्रेरी खोलकर क्या करोगे, कौन सा कलेक्टर बनना है तुमको? यह टिप्पणी छात्रों के मनोबल को तोड़ने वाली है।
मुकदमों का डर और छात्रसंघ की चुप्पी प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि सवाल उठाने पर उनकी डिग्री रोकने की धमकी दी जाती है। छात्रों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मंच से छात्र ने इस बात पर भी चिंता जताई कि छात्रसंघ के बंद होने से उन गरीब छात्रों का राजनीतिक और सामाजिक भविष्य दांव पर है, जो भविष्य के नेता बनने की क्षमता रखते हैं।
सुरक्षाबलों का पहरा या पुलिसिया दमन? छात्र ने आरोप लगाया कि कैंपस में विरोध करने वाले छात्रों को हटाने के लिए प्रशासन ने कथित तौर पर बाहरी लड़कों का इस्तेमाल किया और छात्रों का सामान तक छीन लिया गया। उसने कहा कि कैंपस में भारी सुरक्षा बल तैनात करना ऐसा लगता है जैसे छात्र कोई बड़ा खतरा हों।
फिलहाल, इन गंभीर आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। बहरहाल, छात्रों की यह व्यथा यह बताने के लिए काफी है कि इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के गलियारों में प्रशासनिक उदासीनता एक बड़ी समस्या बन चुकी है।
*इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में समस्याओं का अंबार है 👇
— Congress (@INCIndia) August 8, 2026
• यूनिवर्सिटी में 400% फीस वृद्धि हुई है
• यूनिवर्सिटी में हॉस्टल फीस की बढ़ोतरी कर दी गई
• लाइब्रेरी सिर्फ 8 घंटे खोली जाती है, जहां पानी भर जाता है
• 24 घंटे लाइब्रेरी खोलने की मांग पर यूनिवर्सिटी प्रशासन कहता है- ज्यादा… pic.twitter.com/0DZsq6Lxgw
रांची में आर-पार की जंग: हेमंत सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच आज तीसरे दौर की वार्ता
गुरनूर बराड़ की तूफानी बल्लेबाजी से गूंजा कोलंबो, आखिरी ओवर में जड़े 4 छक्के; गंभीर हुए मुरीद
रियो डी जेनेरियो: घने जंगल में गिरा हेलीकॉप्टर, एक ही परिवार की तीन महिलाओं समेत 4 की मौत
भारी बारिश का अलर्ट: बिहार-झारखंड समेत इन राज्यों में बिगड़ेगा मौसम, IMD ने जारी की चेतावनी
राजस्थान में OBC आरक्षण और UCC पर सरकार का बड़ा स्टैंड, मंत्री जोगाराम पटेल ने गिनाईं प्राथमिकताएं
ज़हर या साज़िश? इस्लामाबाद में लश्कर कमांडर की रहस्यमयी मौत, आतंकी खेमे में हड़कंप
झारखंड का सांस्कृतिक महाकुंभ: आज से रांची में आदिवासी महोत्सव की भव्य शुरुआत
मोजतबा खामेनेई का पहला वीडियो जारी: क्या इजरायली दावों पर लगा पूर्णविराम?
X का बड़ा फैसला: अब कॉपी-पेस्ट से नहीं, ओरिजिनल कंटेंट से होगी मोटी कमाई
पिता की कब्र के बगल में अबान को दी अंतिम विदाई, बिलखते दिखे अतीक के तीनों बेटे