इस्लामाबाद की सड़कों पर आतंकवाद की काली दुनिया का एक और अध्याय खौफनाक अंत के साथ बंद हो गया है। लश्कर-ए-तैयबा का सीनियर कमांडर कारी सईद अब्दुल अज़ीज़ संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया है। उसकी मौत ने पाक के सुरक्षा तंत्र और आतंकी संगठनों के भीतर भारी हलचल पैदा कर दी है।
अंतिम भोजन और मस्जिद का गेट रिपोर्ट्स के अनुसार, कारी सईद ने नमाज़ पढ़ने के लिए कुबा मस्जिद जाने से पहले एक अनजान रेस्टोरेंट में खाना खाया था। भोजन के कुछ ही घंटों बाद, जैसे ही वह मस्जिद के मुख्य दरवाज़े के पास पहुँचा, अचानक ज़मीन पर गिर पड़ा। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस ‘अचानक ढह जाने’ को ज़हर दिए जाने की साज़िश के तौर पर देखा जा रहा है।
आतंकी नेटवर्क का ‘फाइनेंस मैनेजर’ था अज़ीज़ कारी सईद अब्दुल अज़ीज़ साधारण आतंकी नहीं था। वह लश्कर के उस गुप्त विभाग का प्रभारी था, जो जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के परिवारों को आर्थिक मदद पहुँचाता था। वह संगठन की नसों में दौड़ने वाले पैसों और रिश्तों का अहम मोहरा था, जिसकी मौत ने लश्कर के ऊंचे आकाओं की नींद उड़ा दी है।
30 आतंकियों का ‘खामोश सफ़ाया’ यह घटना कोई इकलौती मिसाल नहीं है। हाल ही में लश्कर के एक ऑपरेटिव रिज़वान हनीफ़ का वीडियो सामने आया, जिसमें उसने पहली बार सार्वजनिक रूप से कबूल किया कि पिछले 3-4 वर्षों में अज्ञात हमलावरों ने पेशावर, कराची, रावलपिंडी और मुज़फ़्फ़राबाद जैसे शहरों में संगठन के 30 से ज़्यादा कमांडरों को ठिकाने लगा दिया है।
पहली बार सार्वजनिक कबूलनामा संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित और 2008 के मुंबई हमलों के लिए ज़िम्मेदार इस संगठन के किसी सदस्य का इस तरह का कबूलनामा चौंकाने वाला है। यह पहली बार है जब लश्कर के भीतर से ‘अज्ञात हमलावरों’ के खौफ को इतनी स्पष्टता से स्वीकार किया गया है।
क्या अब पाकिस्तान में आतंकी सुरक्षित नहीं? कारी सईद की संदिग्ध मौत और लगातार हो रहे इन सफ़ायों से साफ है कि पाकिस्तान की धरती पर बैठे आतंकियों पर किसी अदृश्य ताकत का साया है। चुन-चुनकर आतंकियों को निशाना बनाने की इस रणनीति ने यह साबित कर दिया है कि अब पाकिस्तान की सुरक्षित समझी जाने वाली ज़मीन भी इन दहशतगर्दों के लिए कब्रगाह बनती जा रही है।
लश्कर के भीतर अब विश्वास की कमी हो गई है, और अंदरूनी खौफ यह संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में ऐसे और ‘रहस्यमयी हादसों’ की खबरें सामने आ सकती हैं।
*🚨UNKNOWN GUNMEN STRIKES AGAIN☠️🔥
— First Post (@TrishulTactics) August 8, 2026
LeT cadre Qari Saeed Abdul Aziz, reportedly linked to handling families of terrorists killed in J&K. He had Collapsed & Died at the Entrance Quba Mosque Islamabad
He had Reportedly Eaten at an Undisclosed Location before Heading for Prayers pic.twitter.com/nQi9cU1Ozi
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