रील का नशा या भविष्य का सवाल? प्रयागराज में राहुल गांधी ने युवाओं को दी चक्रव्यूह से बचने की नसीहत
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प्रयागराज में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का अंदाज बिल्कुल अलग दिखा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के युवाओं से संवाद करते हुए शिक्षा, बेरोजगारी और सोशल मीडिया के जाल पर तीखे प्रहार किए।

दर्द, डेटा और दौलत से बदली बात राहुल गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत तीन शब्दों से की—दर्द, डेटा और दौलत। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास अपार क्षमता है, लेकिन एक ऐसी व्यवस्था में उन्हें फंसाया गया है जहां उनके पास केवल दर्द बचा है। उन्होंने युवाओं के डेटा को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताया, जो आज बड़ी कंपनियों के हाथों में जा रहा है।

रील्स है 21वीं सदी का नया नशा राहुल गांधी ने युवाओं को चेतावनी देते हुए सोशल मीडिया रील्स को 21वीं सदी का नशा करार दिया। उन्होंने कहा कि रोजगार न मिलने की हताशा युवाओं को इन डिजिटल नशों की ओर धकेल रही है। उन्होंने साफ कहा, रील के चक्कर में अपना भविष्य दांव पर मत लगाइए।

सिस्टम के चक्रव्यूह में फंसा युवा रोजगार के आंकड़ों पर प्रहार करते हुए राहुल ने कहा कि देश में हालात बेहद गंभीर हैं। उनके मुताबिक, हर 1000 युवाओं में से केवल 12 को ही पक्की नौकरी मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था केवल डिग्री बांट रही है, जो रोजगार दिलाने में नाकाम है। एक तरफ युवाओं की मेहनत है, तो दूसरी तरफ पेपर लीक जैसी समस्याएं, जो ईमानदार छात्र का हक मार रही हैं।

ब्लिंकिट से सेना की तैयारी तक का संघर्ष कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने जब अपनी व्यथा सुनाई कि कैसे उसे पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए ब्लिंकिट में काम करना पड़ा और एक अंक से सेना में भर्ती रह गई, तो राहुल ने इसे पूरे सिस्टम की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वालों के लिए आज का सिस्टम एक चक्रव्यूह बन चुका है।

डेटा ही है भविष्य की असली ताकत राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में भारत का डेटा ही उसकी असली ताकत है। अगर युवाओं को सही दिशा और अवसर मिले, तो भारत दुनिया का नेतृत्व कर सकता है। बशर्ते, इस डेटा का लाभ चंद कॉरपोरेट घरानों की बजाय देश के युवाओं को मिले।

यूपी की राजनीति में बड़ा दांव प्रयागराज में यह आयोजन कांग्रेस की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। यूपी की सियासत में छात्रों की गूंज के जरिए पार्टी युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी का यह दौरा जताता है कि आने वाले समय में रोजगार और शिक्षा का मुद्दा यूपी की राजनीति की मुख्य धुरी बनने वाला है।

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