नई दिल्ली: यूपीआई (UPI) से लेनदेन करने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया और चर्चाओं में चल रही यूपीआई पर फीस की खबरों को वित्त मंत्रालय ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों के लिए यह सुविधा पहले की तरह ही मुफ्त बनी रहेगी।
आम जनता को नहीं पड़ेगी कोई मार वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांजैक्शन यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने पर कोई भी चार्ज नहीं लगेगा। चाहे आप अपने दोस्तों या परिवार को पैसे भेजें या अपने ही दूसरे बैंक खाते में धन ट्रांसफर करें, यह सेवा पूरी तरह निशुल्क रहेगी। सब्जी खरीदने से लेकर बिल पेमेंट तक, आपकी जेब पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
मर्चेंट्स के लिए भी राहत बरकरार सरकार ने स्पष्ट किया है कि दुकानदारों या मर्चेंट्स के लिए भी अधिकांश यूपीआई लेनदेन मुफ्त रहेंगे। यदि भविष्य में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने पर विचार भी किया जाता है, तो यह केवल उन बड़े मर्चेंट्स पर सीमित होगा जिनका कारोबार एक तय सीमा से अधिक है।
कार्ड्स के मुकाबले बेहद कम होगा शुल्क सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि यदि भविष्य में कोई शुल्क ढांचा तैयार किया जाता है, तो वह क्रेडिट या डेबिट कार्ड पर लगने वाले MDR से काफी कम होगा। वर्तमान में क्रेडिट कार्ड पर 1 से 3 फीसदी तक शुल्क लगता है, जबकि यूपीआई के लिए दरें इसे बहुत कम रखने का लक्ष्य रखा गया है।
क्यों शुरू हुई फीस की चर्चा? इस बहस की शुरुआत संसद में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 के बाद हुई थी। इस बिल में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव था। लोगों को लगा कि यह संशोधन सीधे तौर पर यूपीआई पर शुल्क लगाने की तैयारी है। लेकिन मंत्रालय ने इसे महज एक इनेबलिंग प्रोविजन (सक्षम प्रावधान) बताया है।
कौन तय करेगा भविष्य का फैसला? मंत्रालय ने साफ किया कि अगर भविष्य में किसी शुल्क को लेकर निर्णय लेना भी हुआ, तो यह फैसला यूपीआई सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी लेगी, जिसकी अध्यक्षता NPCI करता है। इस प्रावधान का मुख्य उद्देश्य यूपीआई सिस्टम की तकनीकी मजबूती और वित्तीय स्थिरता को लंबे समय तक बनाए रखना है, न कि आम यूजर पर बोझ डालना।
✅ No Charges for UPI Users
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) August 8, 2026
✅ Vast Majority of the Transactions to Remain Free of Charge for Merchants as well
✅ Amendment to the Payment and Settlement Systems Act (PSS Act) an Enabling Provision to Ensure further proliferation of Financial Inclusion, UPI’s Long-Term… pic.twitter.com/b6QYTgiw8a
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