जब रात के 11 बजते ही थर-थर कांपता था पूरा देश: दूरदर्शन का वह पहला हॉरर शो, जिसकी दहशत आज भी जिंदा है
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आज के दौर में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद हाई-बजट हॉरर फिल्में और वेब सीरीज दर्शकों के लिए मनोरंजन का आम जरिया बन चुकी हैं। लेकिन 37 साल पहले का वक्त कुछ और था। उस दौर में न तो स्पेशल इफेक्ट्स थे और न ही डरावनी तकनीकों का तामझाम। फिर भी, दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला एक शो ऐसा था, जिसके नाम से ही लोगों की रूह कांप जाती थी।

किले का रहस्य : 80 के दशक की सबसे बड़ी दहशत साल 1989 में दूरदर्शन पर किले का रहस्य प्रसारित हुआ था। यह भारतीय टेलीविजन के शुरुआती हॉरर सीरियल्स में से एक था। ‘आहट’ या ‘फियर फाइल्स’ जैसे शोज के आने से सालों पहले, इस सीरियल ने पूरे देश में खौफ का वो मंजर पैदा किया था, जो आज भी कई दर्शकों की यादों में ताजा है।

रात 11 बजे का डरावना पहरा यह शो रात करीब 11 बजे टेलीकास्ट होता था। जैसे ही इसका टाइटल म्यूजिक बजता और डरावनी चीखें सुनाई देतीं, घरों का माहौल पूरी तरह बदल जाता था। दिलचस्प बात यह है कि डर के बावजूद कोई भी इसका एपिसोड मिस नहीं करना चाहता था। बच्चे हों या बड़े, सब टीवी के सामने नजरें गड़ाए बैठ जाते थे।

क्या थी उस किले की कहानी? इस शो की जान इसकी कहानी थी। यह एक ऐसे रहस्यमयी किले के इर्द-गिर्द घूमती थी जिसे भुतिया माना जाता था। लोककथाओं के अनुसार, जो भी उस किले में कदम रखता, उसकी पीठ पर इंसानी हाथों के अजीबोगरीब निशान उभर आते थे और फिर उसके साथ कोई भयानक घटना घट जाती थी। यही सस्पेंस दर्शकों को हर हफ्ते बांधे रखता था।

पीयूष मिश्रा और वीरेंद्र सक्सेना का दमदार अभिनय इस सीरियल में जाने-माने अभिनेता और लेखक पीयूष मिश्रा मुख्य भूमिका में थे, वहीं वीरेंद्र सक्सेना ने भी अपने अभिनय से जान डाल दी थी। बिना किसी आधुनिक तकनीक के, सिर्फ कहानी के उतार-चढ़ाव और सस्पेंस के दम पर दर्शकों को डराना इस शो की सबसे बड़ी उपलब्धि थी।

स्कूल-कॉलेज में चर्चा का विषय उस समय सोशल मीडिया नहीं था, लेकिन अगले दिन स्कूल, कॉलेज और ऑफिसों में किले का रहस्य ही मुख्य चर्चा का विषय होता था। हर कोई अगले एपिसोड के लिए अपनी-अपनी थ्योरी बनाता था। शो खत्म होने के बाद भी कई बच्चे रात को अकेले कमरे में जाने से डरते थे।

आज वीएफएक्स और साउंड इफेक्ट्स के युग में हॉरर कंटेंट भले ही बदल गया हो, लेकिन 1989 के उस किले ने जो दहशत और दीवानगी पैदा की थी, उसका मुकाबला आज के शोज शायद ही कर पाएं। यह शो आज भी उन लोगों के लिए एक कल्ट क्लासिक बना हुआ है जिन्होंने उसे अपने बचपन के दौर में देखा था।

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