संसद परिसर में हुई मुलाकात महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद परिसर में मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य केंद्र राज्य में आई बाढ़ की स्थिति और उससे निपटने के लिए चलाए जा रहे राहत-पुनर्वास कार्य थे। प्रधानमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की तैयारियों का ब्यौरा लिया और सहायता कार्यों को और तेज करने के निर्देश दिए।
NDA में शिंदे की भूमिका यह मुलाकात एक महत्वपूर्ण सहयोगी दल के नेता के तौर पर हुई। वर्तमान में लोकसभा में शिवसेना के 13 सांसद हैं, जो केंद्र सरकार के लिए एक मजबूत स्तंभ माने जाते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक का उद्देश्य महाराष्ट्र और केंद्र के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करना था।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज प्रशासनिक चर्चाओं के साथ-साथ यह मुलाकात राजनीतिक रूप से भी काफी अहम मानी जा रही है। महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय कई संवेदनशील मुद्दे चर्चा में हैं, जिनमें शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही कानूनी लड़ाई प्रमुख है। इसके अलावा, राज्य की आगामी चुनावी रणनीति और केंद्र-राज्य के बीच भविष्य की तालमेल पर भी अनौपचारिक चर्चा होने की अटकलें हैं।
चुनौतियों के बीच सरकार का फोकस राज्य में भारी बारिश और जलभराव के कारण जनजीवन बाधित हुआ है, जो सरकार के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती है। राज्य प्रशासन राहत शिविरों और भोजन वितरण के माध्यम से प्रभावितों की मदद कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का समय-समय पर राज्यों के नेताओं से आपदा पर सीधे फीडबैक लेना केंद्र और राज्य के बीच मजबूत गठबंधन का संकेत देता है।
आगे की रणनीति का इंतजार बैठक के बाद शिवसेना नेताओं ने इसे राज्य के विकास और केंद्र के साथ सहयोग बढ़ाने की एक सकारात्मक पहल बताया है। अब सभी की निगाहें संसद के आगामी सत्र और महाराष्ट्र से जुड़े प्रशासनिक फैसलों पर टिकी हैं। क्या मंत्रिमंडल में किसी फेरबदल या भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी कोई बड़ा निर्णय लिया जाएगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
Delhi | Maharashtra Deputy CM Eknath Shinde and other Shiv Sena MP’s met Prime Minister Narendra Modi today in the Parliament.
— ANI (@ANI) August 7, 2026
(Source: Shiv Sena Office) pic.twitter.com/uav8t6JjVK
सबूत दें या माफी मांगें, वरना होगी FIR : प्रशांत किशोर के आरोपों पर भड़के भरत तिवारी के परिजन
146 Kmph की रफ्तार का तूफान: कौन है दीपेश देवेंद्रन, जिसने मचाया कोहराम?
भारत में व्यापार करना है तो कानून मानना अनिवार्य, मेटा को सरकार की दो टूक चेतावनी
दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है : E20 पेट्रोल पर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला
सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान का नया डिफेंस पैक्ट: क्या बदलेंगे मिडिल ईस्ट के समीकरण?
उनका कोई चांस नहीं... : वर्ल्ड कप 2027 के स्क्वाड से इन दो धाकड़ खिलाड़ियों को बाहर देख हैरान हैं फैंस!
दिल्ली-NCR में आसमानी आफत : भारी बारिश से थमी रफ्तार, जलजमाव और मकान ढहने से हाहाकार
BPSC TRE 4: शिक्षक भर्ती में देरी पर उबाल, छात्र नेता दिलीप ने दी महा-आंदोलन की चेतावनी
अंग्रेज़ों! हमारा कर्ज़ वापस करो: 109 साल पुराने 35 हज़ार रुपये के लिए ब्रिटिश सरकार से भिड़ा मध्य प्रदेश का परिवार
पद्म श्री रेमो फर्नांडिस का भावुक फैसला: स्वास्थ्य कारणों से लाइव कॉन्सर्ट्स को कहा अलविदा