सोनीपत में मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। एक पिता ने अपनी तीन बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी जिंदगी खपा दी, लेकिन मौत के बाद वही बेटियां उनके अंतिम दर्शन तक के लिए नहीं पहुंचीं।
अस्पताल से लेकर श्मशान तक रहा सन्नाटा
मुंबई के पूर्व टेक्सटाइल व्यापारी शिवचरण राम रतन गुप्ता सोनीपत के एक ओल्ड-एज होम में रह रहे थे। पत्नी के निधन के बाद वे पूरी तरह अकेले हो गए थे। ओल्ड-एज होम के प्रबंधन के अनुसार, 20 दिन पहले ही बेटियों को पिता की गंभीर बीमारी की सूचना दे दी गई थी, लेकिन कोई उनसे मिलने नहीं आया।
वीडियो कॉल पर निभाई रस्में, कहा- हमें खाना खाना है
मंगलवार सुबह शिवचरण गुप्ता का निधन हो गया। जब बेटियों को सूचना दी गई, तो उन्होंने आने में असमर्थता जताई। अजीब विडंबना देखिए, तीनों बेटियों ने नेपाल, आजमगढ़ और मुंबई से वीडियो कॉल के जरिए पिता को अंतिम विदाई दी।
इस दौरान संवेदनहीनता की हद तब पार हो गई जब एक बेटी ने कॉल पर ही पूछा, इसमें और कितना समय लगेगा? हमें खाना खाना है और नहाना है।
अस्थियां लेने से भी किया इनकार
बड़ी बेटी अनिता ने अंतिम संस्कार के खर्च के लिए ऑनलाइन 5,100 रुपये भेजे। जब प्रबंधन ने अस्थियां ले जाने के लिए कहा, तो जवाब मिला कि वे सोनीपत नहीं आ सकतीं। उन्होंने ओल्ड-एज होम के लोगों से ही अस्थि विसर्जन करने का अनुरोध कर दिया।
नेत्रदान कर गए पिता
भले ही बेटियां दूर खड़ी रहीं, लेकिन शिवचरण गुप्ता ने जाते-जाते परोपकार की मिसाल पेश की। उनकी इच्छा के अनुसार, ओल्ड-एज होम प्रबंधन ने उनकी आंखें दान कर दीं, ताकि उनकी मृत्यु के बाद किसी जरूरतमंद की दुनिया रोशन हो सके।
रिश्तों पर बड़ा सवाल
यह घटना आज के दौर में टूटते पारिवारिक रिश्तों और बुजुर्गों की असुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। जिस पिता ने कभी बेटियों की खुशी के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था, अंत समय में वह ओल्ड-एज होम के कुछ अनजान लोगों के कंधों पर अपना अंतिम सफर तय करने को मजबूर हुआ।
*हरियाणा: सोनीपत में पिता ने बेटियों से मिलने की चाहत में दम तोड़ दिया. बेटियों ने अंतिम संस्कार में आने से मना किया और VIDEO कॉल पर ही संस्कार देखा. बड़ी बेटी अनिता ने ऑनलाइन ₹5100 भेजे और संस्था को अंतिम संस्कार करने के लिए कहा. अस्थियां लेने की बात पर कहा-देखते हैं.#life pic.twitter.com/wpADdM22w4
— Vinod Katwal (@Katwal_Vinod) August 5, 2026
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