दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी : दो साल के निर्वासन के बाद पहली बार मुखर हुईं शेख हसीना
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सत्ता से बेदखल होने के दो साल बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। दिल्ली में आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उन्होंने अपने देश के मौजूदा हालात और अपनी वापसी की योजना पर बड़ा बयान दिया है।

मैं अपने लोगों से अलग नहीं हुई

वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं शेख हसीना ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें उनके देश से दूर कर दिया गया, लेकिन वह कभी भी अपने लोगों से अलग नहीं हुईं। उन्होंने कहा, मैं उस बांग्लादेश को पहचान नहीं पा रही जिसे हमने बनाया था। 1971 में जिस मुल्क के लिए 30 लाख लोगों ने बलिदान दिया, आज उसका स्वरूप पूरी तरह बदल दिया गया है।

दिसंबर में वापसी के संकेत

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शेख हसीना ने अपनी वतन वापसी की इच्छा जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि वह जल्द ही वापस लौटना चाहती हैं और संभवतः दिसंबर में वह बांग्लादेश की धरती पर कदम रखेंगी। हालांकि, सुरक्षा कारणों से उन्होंने अपना कैमरा ऑफ रखा था और सिर्फ उनकी आवाज ही सुनी जा सकी।

छात्र आंदोलन नहीं, संगठित हिंसा थी

जुलाई-अगस्त 2024 की हिंसा पर बात करते हुए हसीना ने इसे शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठित समूह छात्रों की मांगों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने धैर्य के साथ समस्या सुलझाने की कोशिश की, लेकिन उसे हिंसा में बदल दिया गया।

10,000 लोगों की मौत का दावा

हसीना ने देश में जारी राजनीतिक जुल्म पर गंभीर आंकड़े पेश किए। उन्होंने दावा किया कि 5 अगस्त के बाद से अब तक कम से कम 10,000 लोग मारे गए हैं या लापता हैं। उन्होंने कहा कि अवामी लीग के लाखों कार्यकर्ताओं पर झूठे केस दर्ज किए गए हैं और उन्हें उनके घरों से निकाल दिया गया है।

ऐतिहासिक प्रतीकों को किया गया नष्ट

पूर्व पीएम ने अपने पिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के अपमान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा, लिबरेशन वॉर से जुड़े निशानों को मिटाया जा रहा है। बंगबंधु मेमोरियल म्यूजियम को गिरा दिया गया और आजादी के नायकों का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ 600 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं और महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में टॉर्चर किया जा रहा है।

भारत को सख्त संदेश

हसीना के इस बयान के बाद बांग्लादेश की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। बांग्लादेश ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि भगोड़े अपराधी के बयानों की वजह से दोनों देशों के रिश्ते खराब नहीं होने चाहिए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि हसीना की वापसी की घोषणा के बाद दक्षिण एशियाई राजनीति में क्या नया मोड़ आता है।

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