उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात अभी से बिछने लगी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने चर्चित राजनीतिक फॉर्मूले PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को एक नया और चौंकाने वाला विस्तार दिया है। ब्राह्मणों को साधने की रणनीति के तहत उन्होंने PD को अब पंडित से जोड़ दिया है।
PD मतलब अब पिछड़ा नहीं, पंडित! दिवंगत समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्रा की जयंती के मौके पर अखिलेश यादव ने बड़ा सियासी कार्ड खेला। उन्होंने कहा कि जो लोग PDA का मतलब बदलते रहते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि इसमें PD का मतलब पंडित भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी पीड़ित पंडित को भी अपने साथ जोड़कर चल रही है।
कृष्ण-सुदामा की दोस्ती का जिक्र ब्राह्मण वोट बैंक को लुभाने के लिए अखिलेश ने पौराणिक संदर्भ का सहारा लिया। उन्होंने भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि सपा ने हमेशा हर वर्ग को सम्मान दिया है। इस बयान के जरिए वे सवर्णों और विशेषकर ब्राह्मण समाज में यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि सपा में उनका पूरा हक है।
सरकार पर तीखा प्रहार अखिलेश यादव ने अपनी रैली की अनुमति न मिलने पर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार उनके कार्यकर्ताओं को जितनी प्रताड़ित करेगी, सपा उतनी ही मजबूती से उभरकर सामने आएगी। मंच पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और सांसद सनातन पांडेय की मौजूदगी ने इस रणनीति को और मजबूती दी।
राम मंदिर के चढ़ावे पर सवाल सपा प्रमुख ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर भी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि मंदिर में चढ़ावे की रसीद मांगा जाना बेहद शर्मनाक है और यह दान के प्रति घटिया मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता की कमी का बड़ा मुद्दा खड़ा किया।
क्या 2027 में बदलेगा यूपी का समीकरण? अखिलेश यादव का यह कदम साफ संकेत है कि सपा अब केवल अपने पारंपरिक वोट बैंक (MY) तक सीमित नहीं रहना चाहती। वे 90 के दशक के उस सोशल इंजीनियरिंग फार्मूले को दोहराने की कोशिश में हैं, जिसने कभी बसपा को सत्ता के शिखर पर बिठाया था। क्या पंडितों को साथ लेकर अखिलेश 2027 में सत्ता का वनवास खत्म कर पाएंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।
*जबसे PDA से वो लोग हारे हैं तबसे PDA की नई परिभाषा बना रहे हैं, PDA में पीड़ित पंडित भी है।
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) August 5, 2026
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/4NH83eUtsw
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