संसद में एंटी-पेपर लीक कानून पर चर्चा के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने परीक्षा प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने इस पहल को देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक दिन करार दिया।
संस्थागत सुधार ही एकमात्र रास्ता राघव चड्ढा ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान केवल मीडिया में बयानबाजी से नहीं निकल सकता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, जैसे कैंसर का इलाज क्रोसिन की गोली से नहीं हो सकता, वैसे ही पेपर लीक का स्थायी समाधान मजबूत संस्थागत सुधारों में ही निहित है।
दोषियों पर होगी फास्ट ट्रैक कार्रवाई सांसद ने बताया कि सरकार देश का पहला व्यापक एंटी-पेपर लीक फ्रेमवर्क ला रही है। इसके तहत पेपर लीक के मामलों को महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध, दुष्कर्म और POCSO जैसे मामलों की तरह श्रेणीबद्ध किया जाएगा। इन मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी ताकि दोषियों को समयबद्ध तरीके से कड़ी सजा मिल सके।
विपक्ष पर साधा निशाना विपक्ष पर हमला बोलते हुए चड्ढा ने कहा कि राजनीतिक दलों की याददाश्त चुनिंदा हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं। उन्होंने सवाल किया कि यदि राष्ट्रीय स्तर का पेपर लीक राष्ट्रीय संकट है, तो विपक्ष शासित राज्यों में हुई ऐसी ही घटनाओं को स्थानीय क्यों माना जाता है?
मेरिट बनाम माफिया की लड़ाई राघव चड्ढा ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा भाजपा बनाम कांग्रेस की राजनीति का नहीं, बल्कि मेरिट बनाम माफिया और मेहनत बनाम सेटिंग का है। उन्होंने छात्रों के आंदोलनों के राजनीतिकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेताओं को छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल अपना राजनीतिक फायदा साधने के लिए नहीं करना चाहिए।
प्रधानमंत्री का संवेदनशील रुख सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने छात्रों की पीड़ा को एक अभिभावक की तरह समझा है। उन्होंने बताया कि इसी संवेदनशीलता के कारण सरकार इस ऐतिहासिक कानून को लेकर आई है, ताकि भविष्य में छात्रों का भविष्य अंधकार में न जाए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता व विश्वास बहाल हो सके।
बदली भूमिका, वही संकल्प अपनी चुप्पी पर सफाई देते हुए चड्ढा ने कहा कि पहले विपक्ष में होने के नाते उनकी जिम्मेदारी केवल सवाल पूछने की थी। अब सत्ता पक्ष में होने के कारण उनकी भूमिका व्यवस्था को ठीक करने की है। उन्होंने कहा कि इसी संकल्प की पूर्ति के साथ आज देश की परीक्षा व्यवस्था को एक नई और सुरक्षित दिशा दी जा रही है।
#WATCH | Delhi | BJP MP Raghav Chadha says, ... Like cancer cannot be treated with Crocin, paper leaks can not be treated by media soundbites but by institutional solutions, which our government is going to do today by introducing India s first-ever anti-paper leak framework...… pic.twitter.com/sR6Ppw2T0j
— ANI (@ANI) August 3, 2026
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