गाजियाबाद: मशहूर मनोचिकित्सक डॉ. हेमिका अग्रवाल की खौफनाक मौत, 5वीं मंजिल से कूदकर दी जान
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गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन स्थित ऑफिसर्स सिटी-2 सोसाइटी में रविवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। शहर की जानी-मानी मनोचिकित्सक (साइकियाट्रिस्ट) 40 वर्षीय डॉ. हेमिका अग्रवाल ने अपने फ्लैट की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी।

क्या है पूरा मामला? रविवार शाम करीब 7:30 बजे हुई इस घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में स्थानीय लोगों ने उन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ऊंचाई से गिरने के कारण उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं, जो उनकी मौत का कारण बनीं।

तलाक का गहरा सदमा पुलिस और परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. हेमिका पिछले 18 महीनों से गहरे अवसाद (डिप्रेशन) और मानसिक तनाव से जूझ रही थीं। इस तनाव की मुख्य वजह उनका करीब डेढ़ साल पहले हुआ तलाक बताया जा रहा है। परिवार का कहना है कि वे इस अलगाव के बाद से खुद को संभाल नहीं पा रही थीं।

पुलिस की जांच और सुराग की तलाश मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थाल से साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल पुलिस को वहां से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। नंदग्राम पुलिस स्टेशन के अधिकारी सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं। मौत के सही कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

कौन थीं डॉ. हेमिका अग्रवाल? डॉ. हेमिका अग्रवाल एक प्रतिष्ठित डॉक्टर थीं। उन्होंने दिल्ली के प्रमुख संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की थी और पटेल नगर में अपना क्लिनिक चलाती थीं। उनके पिता डॉ. आर. चंद्रा खुद गाजियाबाद के वरिष्ठ मनोचिकित्सक हैं। हेमिका अपने मरीजों के बीच मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर काफी लोकप्रिय थीं, लेकिन दुर्भाग्यवश, वे खुद इस मानसिक संघर्ष से नहीं निकल सकीं।

गहराता सवाल: मानसिक स्वास्थ्य का संकट यह घटना चिकित्सा जगत के लोगों के लिए भी एक चिंता का विषय है। एक ऐसी डॉक्टर जो खुद दूसरों के मानसिक स्वास्थ्य को ठीक करने में जुटी रहती थी, वह खुद इस गंभीर दौर से गुजर रही थी। यह मामला समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुली चर्चा और समय पर मदद लेने की आवश्यकता पर सवाल खड़े करता है।

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