भाजपा का अभेद्य किला ढहा: प्रशांत किशोर की जीत पर रोहित पवार का बड़ा हमला, बोले- डेडलाइन आ गई है
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बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने एक ऐसा बड़ा उलटफेर किया है, जिसकी गूंज अब महाराष्ट्र तक सुनाई दे रही है। भाजपा के अभेद्य किले माने जाने वाले बांकीपुर (नितिन नबीन का पारंपरिक निर्वाचन क्षेत्र) में मिली हार ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

इस परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस हार ने भाजपा की नाक काट दी है और उनके पतन का समय अब शुरू हो चुका है।

बीजेपी की डेडलाइन नजदीक रोहित पवार ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखते हुए कहा कि हर चीज की एक डेडलाइन होती है और भाजपा के लिए वह समय अब बहुत करीब आ गया है। उन्होंने कहा कि यह जीत महज एक उपचुनाव की नहीं, बल्कि जनता के बदलते मिजाज का संकेत है।

पवार ने आगे कहा, पहले लोग कहते थे कि अपना टाइम आएगा , लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। अब अपना टाइम आ गया है । उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि धैर्य रखें, जीत अब निश्चित है।

डिलिमिटेशन बिल पर मंडराया संकट रोहित पवार ने इस हार के राष्ट्रीय निहितार्थ भी सुझाए हैं। उनका मानना है कि बांकीपुर में भाजपा की करारी हार के बाद अब केंद्र सरकार के लिए संसद में डिलिमिटेशन बिल (परिसीमन विधेयक) पास कराना नामुमकिन होगा।

उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर युवाओं का बढ़ता आक्रोश और चुनाव में मिली हार यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार अब पूरी तरह से बैकफुट पर आ चुकी है।

तानाशाही के अंत का संकेत? रोहित पवार ने इस परिणाम को लोकतंत्र की जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब सत्ताधारी दल अपने सबसे सुरक्षित किलों को हारने लगे, तो इसका सीधा मतलब है कि जनता अब थोपी गई नीतियों और तानाशाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

प्रशांत किशोर की इस जीत ने न केवल बिहार में, बल्कि देशभर के विपक्षी दलों के लिए एक नई उम्मीद की किरण जगाई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह परिणाम आने वाले बड़े चुनावों में भाजपा के लिए वाकई डेडलाइन साबित होता है।

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