झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों छात्रों के आक्रोश का केंद्र बनी हुई है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक, धांधली और देरी के खिलाफ छात्रों का सब्र का बांध टूट चुका है। रविवार को छात्रों के इस आंदोलन का आठवां दिन था, जो अब अनिश्चितकालीन सत्याग्रह में बदल चुका है।
व्यवस्था के खिलाफ युवा लामबंद सड़कों पर उतरे छात्रों का साफ कहना है कि उनकी लड़ाई केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता बचाने की जंग है। छात्रों का आरोप है कि जेपीएससी और जेएसएससी जैसी संस्थाएं प्रशासनिक चूक और पारदर्शिता की कमी के कारण युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। कई छात्र ऐसे हैं जो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम की खामियों के चलते उनके हाथ केवल निराशा लगी है।
सीबीआई जांच से कम कुछ भी मंजूर नहीं प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग है कि परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। आंदोलन में शामिल रेखा राणा जैसे अनेक अभ्यर्थियों का तर्क है कि अब हर दूसरी परीक्षा में पेपर लीक होना एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है, जिससे सरकारी सिस्टम पर से छात्रों का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। युवाओं का कहना है कि जब तक व्यवस्था में ठोस और पारदर्शी सुधार नहीं होते, वे पीछे नहीं हटेंगे।
राजनीतिक गलियारों में हलचल छात्रों का यह आंदोलन अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। विपक्ष ने हेमंत सोरेन सरकार को निशाने पर ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले साढ़े छह से सात सालों में राज्य में नौकरियों का अकाल है। उन्होंने दावा किया कि जो कुछ गिनी-चुनी परीक्षाएं आयोजित भी हुईं, वे निष्पक्ष नहीं थीं और कई मामले तो हाईकोर्ट तक पहुंच गए।
सरकार की चुप्पी और भविष्य की अनिश्चितता जहां एक ओर छात्र रांची की सड़कों पर डटे हैं, वहीं राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। सरकार की यह चुप्पी छात्रों के गुस्से को और बढ़ा रही है। फिलहाल, छात्र अपनी मांगों पर अडिग हैं और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
अब सवाल यह है कि क्या सरकार छात्रों की मांगें मानकर सिस्टम में विश्वास बहाल करेगी या यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा? फिलहाल, रांची की सड़कों पर जारी यह सत्याग्रह झारखंड की परीक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा रहा है।
*रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने ZEE NEWS की कवरेज को सराहा, कहा - ‘’ZEE NEWS छात्रों की आवाज उठा रहा, हम धन्यवाद करते हैं’’#ZeeWithStudents
— Zee News (@ZeeNews) August 2, 2026
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