कुलगाम में खौफ का मंजर: पहचान पूछकर की गई मजदूरों की हत्या, छत्तीसगढ़ के दो परिवारों का उजड़ा संसार
News Image

कुलगाम: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर दिया है। केलम इलाके में ईंट-भट्ठे पर काम करने आए छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों को आतंकियों ने केवल इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वे अपनी पहचान छिपाने में असमर्थ रहे।

पहचान पूछकर बरसाईं गोलियां मृतकों की पहचान जांजगीर-चांपा के बुंदेली गांव के दीपक रात्रे (24) और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के छुइया गांव के भूपेंद्र भैना (28) के रूप में हुई है। दीपक के चाचा हलधर रात्रे ने बताया कि आतंकियों ने उन्हें गोली मारने से पहले उनकी जाति और समुदाय के बारे में सख्ती से पूछताछ की थी। 31 जुलाई की आधी रात को मिली इस सूचना ने पूरे छत्तीसगढ़ में शोक की लहर दौड़ा दी।

गरीबी मिटाने निकले थे, खुद ही मिट गए दीपक और भूपेंद्र महज कुछ महीने पहले गरीबी से बाहर निकलने और परिवार का पेट पालने का सपना लेकर कश्मीर गए थे। दीपक परिवार का इकलौता सहारा था, जिसके सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था। वह अपने पीछे पत्नी, चार महीने का मासूम बेटा और एक दिव्यांग भाई छोड़ गया है। वहीं, भूपेंद्र का चार साल का बेटा अब घर पर दादी के भरोसे है।

प्रशासनिक स्तर पर शव लाने की कवायद इस नृशंस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कुलगाम पुलिस और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारी लगातार संपर्क में हैं। दोनों मजदूरों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके गांव पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रशासन ने एहतियातन घर की बुजुर्ग महिलाओं को अभी इस दुखद खबर की पूरी जानकारी नहीं दी है।

मुख्यमंत्री ने जताया कड़ा रुख छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह हमला बेहद दुखद है और राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारों को हर संभव प्रशासनिक और आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया है।

जम्मू-कश्मीर में गहराता सुरक्षा संकट जम्मू-कश्मीर में पिछले 10 दिनों के भीतर आतंकी हमलों में 3 लोगों की जान जा चुकी है। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर दिया है। परिजनों ने सरकार से इस कायराना हमले के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी अमानवीय घटनाओं को रोका जा सके।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

Gen Z के बाद अब Gen Alpha की हुंकार: स्कूल में जड़ा ताला, CEO के दफ्तर में बोला धावा

Story 1

बॉक्सिंग रिंग में भारत की दहाड़: प्रीति और जैस्मिन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीते दो गोल्ड

Story 1

पिता की आंखों के सामने दम तोड़ गया 21 साल का बेटा, एंबुलेंस में खत्म हो गई थी ऑक्सीजन!

Story 1

जब खेल ने मिटा दी सरहद: जेमिमा रोड्रिग्स और फातिमा सना का गले मिलना बना चर्चा का विषय

Story 1

कुलगाम में दो हिंदू मजदूरों की हत्या पर मचा सियासी बवाल, सुरक्षा तंत्र की विफलता पर उठे सवाल

Story 1

अल्लूरी सीताराम राजू: जंगलों का वो नायक, जिसके नाम से कांपती थी ब्रिटिश हुकूमत; अब मिला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का सम्मान

Story 1

₹1.39 करोड़ में बच्चे की परवरिश: माता-पिता बनने या लग्जरी कार खरीदने की बहस ने सोशल मीडिया पर मचाया तहलका

Story 1

दांतों तले जीभ आ ही जाती है: पीएम मोदी ने Gen-Z को माफ कर दिखाया बड़ा दिल, वीडियो वायरल

Story 1

आंध्र प्रदेश को मिला ₹17,900 करोड़ का तोहफा: नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट और पहला सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू

Story 1

ग्लास्गो में छाई भारतीय मुक्केबाजी: प्रीति और जैसमीन ने जीता स्वर्ण, एथलेटिक्स में भी लहराया परचम