मध्य प्रदेश के सागर जिले की रहने वाली जुडोका यामिनी मौर्य ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। महिलाओं के 57 किलोग्राम भार वर्ग में यामिनी ने न केवल फाइनल में जगह बनाई, बल्कि स्वर्ण पदक के लिए इंग्लैंड की अनुभवी खिलाड़ी एसिल्या टॉपराक को कड़ी टक्कर दी।
गोल्डन स्कोर तक चला रोमांचक संघर्ष फाइनल मुकाबला बेहद कांटे का रहा। निर्धारित समय में दोनों खिलाड़ी एक-दूसरे पर हावी रहीं, लेकिन स्कोरबोर्ड पर कोई निर्णायक अंक नहीं जुड़ सका। मैच गोल्डन स्कोर (एक्स्ट्रा टाइम) में पहुंचा। लगभग तीन मिनट तक चले इस रोमांचक खेल में यामिनी ने शानदार बचाव किया, लेकिन एक छोटी सी चूक का फायदा उठाकर टॉपराक ने इप्पोन के जरिए जीत हासिल कर ली। यामिनी के हाथ से स्वर्ण पदक भले ही फिसल गया, लेकिन उन्होंने जिस जज्बे से मुकाबला किया, उसने पूरे देश का दिल जीत लिया।
अभावों के बीच बुने बड़े सपने यामिनी की यह सफलता किसी परीकथा से कम नहीं है। सागर के एक बेहद साधारण परिवार से आने वाली यामिनी का जीवन आर्थिक तंगियों और संघर्षों से भरा रहा है। उनके पास रहने के लिए पक्का घर तक नहीं है, लेकिन इन चुनौतियों ने उनके हौसलों को कभी कमजोर नहीं होने दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने अपनी मेहनत से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है।
निरंतर सफलता की मिसाल यह पहली बार नहीं है जब यामिनी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने इससे पहले दो बार सीनियर नेशनल चैंपियनशिप जीती है और 2022 के राष्ट्रीय खेलों में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इसके अलावा 2025 हांगकांग एशियाई ओपन और 2026 डकार अफ्रीका ओपन में गोल्ड जीतकर वह पहले ही अपनी पहचान वैश्विक स्तर पर बना चुकी हैं।
सागर में छाई खुशी की लहर यामिनी की इस उपलब्धि पर उनके गृह नगर सागर सहित पूरे मध्य प्रदेश में गर्व का माहौल है। सोशल मीडिया पर खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें हीरो बताते हुए बधाई दी है। यामिनी का सफर उन तमाम खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो आर्थिक अभावों के कारण अपने सपनों को दबा देते हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर जिद सच्ची हो, तो मंजिल तक पहुंचने के रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं।
#WATCH | Glasgow, Scotland: Indian judoka Yamini Mourya clinched a silver medal in the women s -57kg event at the Commonwealth Games.
— ANI (@ANI) July 31, 2026
She says, I am a bit disappointed. I felt I could win gold. Right up to the last second, I felt I was being aggressive and could score.… pic.twitter.com/ncokkuQtOJ
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