चल कम, धंस ज्यादा : 4,700 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर विवाद, NHAI ने दी सफाई
News Image

लखनऊ और कानपुर को जोड़ने वाला 4,700 करोड़ रुपये का महत्वकांक्षी एक्सप्रेसवे उद्घाटन के महज तीन सप्ताह के भीतर ही सियासी और तकनीकी विवादों के घेरे में आ गया है। सोशल मीडिया पर सड़क में दरारें आने और मरम्मत के वीडियो वायरल होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

अखिलेश यादव का तीखा हमला विवाद की शुरुआत सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक ट्वीट से हुई। उन्होंने एक्सप्रेसवे का वीडियो साझा करते हुए तंज कसा- चल कम, धंस ज्यादा रहा है: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे! लागत 4,700 करोड़! इस वीडियो में सड़क पर दरारें और मरम्मत का काम होता दिख रहा था। विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और खराब निर्माण गुणवत्ता से जोड़ दिया है।

NHAI ने दावों को किया खारिज विवाद बढ़ता देख नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इसे सड़क धंसना मानने से इनकार कर दिया। NHAI के अनुसार, उन्नाव के कोरारी क्षेत्र (64वें किलोमीटर) के पास सड़क की केवल ऊपरी परत (बिटुमिनस वेयरिंग कोर्स) में हल्का स्लिपेज हुआ था, जिसे मात्र छह घंटे में दुरुस्त कर दिया गया। प्राधिकरण का कहना है कि यह पूरा एक्सप्रेसवे सुरक्षित है और मुख्य संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

नियमित रखरखाव या लीपापोती? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वर्तमान वीडियो को NHAI ने प्रिवेंटिव मेंटेनेंस बताया है। NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा के अनुसार, मानसून को देखते हुए पूरे एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया जा रहा है और एहतियाती तौर पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि ये वीडियो किसी बड़ी क्षति के नहीं, बल्कि नियमित रखरखाव का हिस्सा हैं।

जिम्मेदारी तय: तीन अधिकारी नपे मामले की गंभीरता को देखते हुए NHAI ने जवाबदेही तय की है। गुणवत्ता की निगरानी में चूक पाए जाने पर तीन अधिकारियों को हटा दिया गया है, जिनमें दो स्वतंत्र इंजीनियर और निर्माण कंपनी का एक अधिकारी शामिल है।

15 साल तक कंपनी की जवाबदेही NHAI ने स्पष्ट किया कि यह प्रोजेक्ट 15 साल के डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP) में है। इसका मतलब है कि अगले 15 वर्षों तक सड़क के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी निर्माण कंपनी की होगी, जिसके लिए सरकार को कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा।

क्या है परियोजना की स्थिति? 13 जुलाई को जनता के लिए खोला गया यह 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे लखनऊ और कानपुर के बीच सफर को 90 मिनट से घटाकर महज 35-40 मिनट करने के उद्देश्य से बनाया गया है। विपक्ष अब भी इसे भ्रष्टाचार का प्रमाण बताकर सरकार को घेर रहा है, जबकि NHAI का दावा है कि एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सामान्य और सुचारू है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मोरक्को से घिरा, स्पेन का हिस्सा: अफ्रीका से यूरोप का मिनी गेटवे कैसे बना खूनी रणक्षेत्र?

Story 1

संसद में साधु बनकर घिरे पप्पू यादव, संतों ने कहा- धैर्य की सीमा टूटी तो भागने की जगह नहीं मिलेगी

Story 1

चलती ट्रेन की खिड़की से बाहर लटक रहा था लोहे का बक्सा, जानलेवा लापरवाही का वीडियो वायरल

Story 1

फैक्ट चेक: पुलिस कार्रवाई का वायरल वीडियो CJP विरोध प्रदर्शन का नहीं, जानें क्या है सच

Story 1

# कर्मचारी नहीं, सीधे DM से बात करेंगे! गया के सरकारी स्कूल में बच्चों का जोरदार प्रदर्शन

Story 1

स्पेन के स्यूटा में प्रवासियों का सैलाब: आखिर मोरक्को से तैरकर यूरोप क्यों पहुंच रहे हैं हजारों लोग?

Story 1

आप बीजेपी के हो क्या? ... सवाल सुनते ही बिफरे राहुल गांधी, वीडियो हुआ वायरल

Story 1

मां पर अभद्र टिप्पणी के बाद PM मोदी का भावुक संदेश: कहा- मैं इन बच्चों को माफ करना चाहता हूं

Story 1

क्लीन-शेव लुक में दिखे रोहित शर्मा, हिटमैन का नया अवतार देख फैंस रह गए दंग

Story 1

फाइनल की दहलीज पर अरशद नदीम: पाकिस्तान के स्टार जैवलिन थ्रोअर ने देश से मांगी दुआएं