भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता और टीवी डिबेट्स में बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले शहजाद पूनावाला ने इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनके इस कदम ने न केवल समर्थकों को चौंकाया है, बल्कि उनके भविष्य को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
2024 में ही राजनीति छोड़ने का था प्लान पूनावाला ने एक पुराने इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव के बाद सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का मन बना लिया था। उन्होंने बताया कि साल 2006-07 में NSUI के साथ करियर शुरू करने के बाद, लगभग 19 वर्षों तक राजनीति में रहने के बाद उन्हें लगा कि अब उन्हें मूव ऑन कर लेना चाहिए। उनका लक्ष्य 2024 में नरेंद्र मोदी की तीसरी बार जीत के साथ राजनीति से विदा लेना था।
मोदी का वो चेहरा जिसने फैसला बदल दिया चुनाव परिणामों के बाद शहजाद का इरादा बदल गया। उन्होंने बताया कि जब एनडीए ने सरकार बनाई, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर दिखे गंभीर भावों ने उन्हें झकझोर दिया। पूनावाला ने महसूस किया कि इस दौर में पार्टी को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा, उस पल मुझे एहसास हुआ कि अभी मेरी जिम्मेदारी खत्म नहीं हुई है।
क्यों टाला था इस्तीफा? पीएम मोदी के प्रति अपनी निष्ठा दिखाते हुए, पूनावाला ने बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों के महत्वपूर्ण चुनावों के मद्देनजर अपने संन्यास को टाल दिया था। उनका मानना था कि इन राज्यों में बीजेपी को मजबूत करना और पार्टी की जीत सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने इन चुनावों में खुद को पूरी तरह समर्पित रखने का फैसला किया था।
कांग्रेस से बीजेपी तक का संघर्ष इंटरव्यू में उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे वे दिल्ली आकर पार्टी मुख्यालय में काम करते थे। टॉम वडक्कन के साथ अपने अनुभवों और मीडिया विभाग में किए गए कठिन परिश्रम को याद करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए एक लंबा सफर रही है।
अब आगे क्या करेंगे पूनावाला? इस्तीफे के बाद यह सवाल सबसे बड़ा है कि अब शहजाद क्या करेंगे? पूनावाला का मानना है कि देश सेवा सिर्फ राजनीति का हिस्सा बनकर ही नहीं, बल्कि समाज नीति के जरिए भी की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे भविष्य में किसी ऐसे क्षेत्र में सक्रिय होना चाहते हैं जहाँ वे समाज और देश के लिए सकारात्मक योगदान दे सकें। उनके इस इस्तीफे के बाद अब राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि क्या वे किसी नई भूमिका में नजर आएंगे या पूरी तरह से समाज सेवा की राह पकड़ेंगे।
Why i felt that after 2024 -
— Shehzad Jai Hind (@Shehzad_Ind) June 28, 2026
TIME HAS COME TO MOVE ON FROM ACTIVE POLITICS…
I’m already 2 years late on this..
Full podcast : https://t.co/F7R82FhlRc pic.twitter.com/qU7vbvJdms
जब विलेन ने छीनी हीरो की लाइमलाइट: रामायण के यश से लेकर शोले के गब्बर तक ने मचाया धमाल
दतिया में कांग्रेस का महा-संग्राम : काउंटिंग से पहले घनश्याम और भारती के बीच आर-पार की जंग
मुंबई: साहित्यरत्न अण्णाभाऊ साठे अनुसंधान संस्थान का भूमिपूजन, वंशजों का भव्य सम्मान
जेल की सलाखों से सम्मानजनक जीवन की ओर: झारखंड में 26 कैदियों को मिलेगी नई शुरुआत
आप BJP के हो क्या? पुलिसकर्मियों पर हमले के सवाल पर भड़के राहुल गांधी
कावेरी जल विवाद की भेंट चढ़ी थलपति विजय की फिल्म, कर्नाटक में थिएटर्स से हटाए गए पोस्टर
संगीत की दुनिया ने खोया अपना सितारा: दिग्गज गायिका जमुना रानी का 88 वर्ष की आयु में निधन
संसद में दान पेटी का ड्रामा: पुजारी बने पप्पू यादव, राहुल गांधी ने डाला चंदा, फिर हुआ कुछ ऐसा!
अब राशन कार्ड की समस्याओं का होगा झटपट समाधान, WhatsApp पर ही दर्ज करें अपनी शिकायत
जर्सी विवाद: 24 घंटे में पलटे दिलीप टिर्की, हॉकी इंडिया के फैसले पर उठाए गंभीर सवाल