सवाल मेरा हथियार था, अब समाधान मेरी जिम्मेदारी : एंटी पेपर लीक बिल पर बोले राघव चड्ढा
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नई दिल्ली: राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की पुरजोर वकालत की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आखिर अब तक वे नीट (NEET) मामले पर सार्वजनिक रूप से चुप क्यों थे।

विपक्ष से सत्ता तक का बदला नजरिया राघव चड्ढा ने सदन में अपनी भूमिका के बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा, जब मैं विपक्ष में था, तब सवाल मेरा हथियार हुआ करता था। आज मैं ट्रेजरी बेंच (सत्ता पक्ष) पर हूं, इसलिए अब समाधान निकालना मेरी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहकर उन्होंने सदन में पूरी ईमानदारी से सवाल उठाए, लेकिन अब उनकी प्राथमिकता केवल सुर्खियों में बने रहना नहीं, बल्कि ठोस नतीजे देना है।

नीट पर चुप्पी क्यों थी? पिछले काफी समय से नीट पेपर लीक मुद्दे पर सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर राघव चड्ढा की चुप्पी पर सवाल उठाए जा रहे थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, मैंने खुद से वादा किया था कि मैं इस मुद्दे पर संसद में उस दिन बोलूंगा, जब हम समस्या के स्थायी समाधान के साथ आएंगे।

उन्होंने कहा कि वे कैमरे के सामने आकर केवल अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराना चाहते थे, बल्कि जनता को परिणाम देना चाहते थे।

सिस्टम को दुरुस्त करने का दावा सरकार द्वारा लाए गए एंटी पेपर लीक बिल को राघव चड्ढा ने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि इन रिफॉर्म्स के बाद परीक्षा प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी हो जाएगी।

उन्होंने कहा, इस बिल से मेरिट का सम्मान बढ़ेगा। सरकार अब पहरेदार के रूप में काम करेगी और माफिया के खिलाफ कार्रवाई और दमदार होगी।

विद्यार्थियों की जीत, माफिया की हार चड्ढा ने अपने संबोधन में कठोर लहजा अपनाते हुए चेतावनी दी कि अब परीक्षा माफियाओं की खैर नहीं है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के लागू होने के बाद अंततः विद्यार्थियों की जीत होगी और शिक्षा माफिया सलाखों के पीछे होंगे।

उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है जब देश भर में नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश था।

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