दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार में हाहाकार: लोगों की मेहनत की कमाई, घर और शादी के सपने हुए राख
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शेयर बाजार की चमक-धमक जितनी आकर्षक होती है, हकीकत उतनी ही बेरहम हो सकती है। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार (KOSPI) ने महज 30 दिनों में निवेशकों को यह कड़वी सच्चाई दिखा दी है। जो लोग कुछ हफ्ते पहले तक बंपर मुनाफे का जश्न मना रहे थे, आज वे अपनी बर्बादी पर आंसू बहा रहे हैं।

34 फीसदी की ऐतिहासिक गिरावट

बीते एक महीने में दक्षिण कोरिया का प्रमुख सूचकांक कोस्पी (KOSPI) 34 फीसदी तक लुढ़क चुका है। इस गिरावट ने न केवल बाजार की कमर तोड़ दी है, बल्कि आम निवेशकों की जिंदगी भर की जमा-पूंजी को पल भर में मिट्टी में मिला दिया है।

दो कंपनियों का खेल और खेल खत्म

पिछले एक साल में कोस्पी ने दुनिया में सबसे बेहतरीन रिटर्न दिया था। इसकी मुख्य वजह सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हायनिक्स (SK Hynix) जैसी चिप निर्माता कंपनियों में आई भारी तेजी थी। इन दो कंपनियों का इंडेक्स में 60 फीसदी दबदबा है।

लेकिन, जो शेयर कभी रॉकेट की तरह ऊपर गए थे, वे अब पाताल में जा रहे हैं। पिछले एक महीने में एसके हायनिक्स में 50 फीसदी और सैमसंग के शेयर में 38 फीसदी की गिरावट आई है।

शादी के पैसे और सपनों का घर सब डूबा

निवेशकों की कहानियां दिल दहला देने वाली हैं। एक महिला निवेशक ने बताया कि उसने अपने नए घर की किस्त चुकाने के लिए रखे 300 मिलियन वॉन (करीब 2 करोड़ रुपये) लालच में आकर सैमसंग के शेयरों में लगा दिए थे। आज उसकी आधी से ज्यादा पूंजी डूब चुकी है। अब उसके पास न घर की किस्त भरने के पैसे हैं और न ही कोई सहारा।

एक अन्य निवेशक ने बताया कि उसने अपनी शादी के लिए बचाए हुए पैसे बाजार में झोंक दिए थे, जो अब 40 फीसदी तक कम हो चुके हैं। कई निवेशकों ने अपनी कुल संपत्ति का दो-तिहाई हिस्सा इन चंद हफ्तों में गंवा दिया है।

एआई का जुनून और बाजार का पतन

इस साल जून तक, एआई और सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रति दीवानगी के कारण बाजार 116 फीसदी तक चढ़ गया था। 19 जून को सूचकांक ने 9,000 का आंकड़ा छू लिया था। लेकिन जून के अंत तक निवेशकों को अहसास हुआ कि यह एआई बबल ज्यादा टिकाऊ नहीं है। इसके बाद हुई अंधाधुंध बिकवाली ने बाजार को औंधे मुंह गिरा दिया।

सीख जो आपको जाननी चाहिए

दक्षिण कोरिया की यह घटना हर निवेशक के लिए एक चेतावनी है। बाजार में कभी भी सारा पैसा एक साथ, विशेषकर किसी एक या दो सेक्टर पर दांव पर नहीं लगाना चाहिए। अनुभवी निवेशकों का कहना है कि स्टॉप-लॉस न लगाना और भावनाओं में बहकर निवेश करना ही इस तबाही की सबसे बड़ी वजह बनी है।

अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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