पाकिस्तान इस समय अभूतपूर्व आंतरिक संकट से जूझ रहा है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से लेकर बलूचिस्तान तक सरकार के खिलाफ बगावत की आग भड़क रही है। यूक्रेन में भारत के पूर्व राजदूत विद्या भूषण सोनी ने इस स्थिति के पीछे के असली कारणों और पाकिस्तान की कूटनीतिक विफलताओं पर बड़ा खुलासा किया है।
अमेरिका-ईरान कार्ड खेलने में नाकाम पाकिस्तान पूर्व राजनयिक के अनुसार, पाकिस्तान की माली हालत खस्ता है और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कहीं से भी मदद नहीं मिल रही। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वह अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनकर डॉलर की भारी-भरकम सहायता हासिल कर लेगा, लेकिन उसकी यह चाल पूरी तरह विफल रही। फंड न मिलने से देश में जनता का आक्रोश सातवें आसमान पर है।
जनता का धैर्य अब टूट चुका है विद्या भूषण सोनी का मानना है कि पाकिस्तान अब पूरी तरह चौतरफा घिर चुका है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान दुनिया के सामने खुद को शांतिप्रिय दिखाने का ढोंग करता है, जबकि हकीकत में वह अपने ही नागरिकों पर जुल्म ढा रहा है। अब बलूच संगठनों और PoK के लोगों को समझ आ गया है कि सरकार पर दबाव बनाने का यही सही वक्त है।
दमन का रास्ता अपना रहा इस्लामाबाद विशेषज्ञों का मानना है कि पाक सरकार प्राथमिकताएं बदलने के बजाय अपने ही लोगों पर बल प्रयोग कर रही है। विद्या भूषण सोनी ने चेतावनी दी कि जब तक पाकिस्तान अपने घरेलू मुद्दों को सुलझाने के बजाय अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर काम करता रहेगा, तब तक वहां स्थिति और भी हिंसक और गंभीर होती जाएगी।
सुरक्षाबलों पर गंभीर सवाल PoK में सक्रिय जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKAAC) ने पाकिस्तानी सेना और पुलिस की बर्बरता के सबूत सार्वजनिक किए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस को घायल प्रदर्शनकारियों को घसीटते और सादे कपड़ों में नकाबपोश लोगों के साथ मिलकर हिंसा करते देखा जा सकता है।
सबूत मिटाने की साजिश? JKAAC ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने सुनियोजित तरीके से सीसीटीवी कैमरों को तोड़ा है ताकि उनके द्वारा की गई ज्यादतियों के सबूत मिटाए जा सकें। संगठन ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
पाकिस्तान की इस दमनकारी नीति पर MQM नेता अल्ताफ हुसैन भी भड़क गए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तानी फौज ने निहत्थे कश्मीरियों को खून से नहला दिया है। फिलहाल, पाकिस्तान के भीतर पनप रहा यह जन-आंदोलन जल्द थमता नजर नहीं आ रहा है।
*This footage shows injured individuals being dragged by police officers and placed into a police vehicle. It also shows several people in civilian clothing accompanying the police, some of whom appear to have their faces covered.
— JKJAAC (@JKJAAC_) July 29, 2026
The treatment of the injured and the presence of… pic.twitter.com/KMGVqt5rsl
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