दो दिनों की मैराथन चर्चा के बाद लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के बाद अंततः इसे ध्वनि मत से मंजूरी मिली।
अब यह बिल संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में पेश किया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने और राष्ट्रपति की मुहर लगते ही यह एक सख्त कानून के रूप में देशभर में लागू हो जाएगा।
इस बिल की जरूरत क्यों पड़ी? हाल के वर्षों में देश के कई राज्यों से पेपर लीक की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के कारण न केवल लाखों अभ्यर्थियों का समय और पैसा बर्बाद होता है, बल्कि परीक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठते हैं। सरकार का लक्ष्य अब इन चुनौतियों से निपटकर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना है।
क्या है एंटी पेपर लीक कानून का उद्देश्य? इस कानून का मुख्य मकसद भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली, नकल, प्रश्नपत्र चोरी और संगठित अपराधों पर लगाम लगाना है। इसका उद्देश्य सीधे तौर पर परीक्षा माफिया को निशाना बनाना है ताकि मेहनती छात्रों के हितों की रक्षा की जा सके।
कौन-सी गतिविधियां अपराध की श्रेणी में आएंगी? नए कानून के तहत निम्नलिखित गतिविधियों को गंभीर अपराध माना गया है:
दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान पेपर लीक या संगठित गड़बड़ी करने वाले व्यक्तियों को भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। कानून में अवैध संपत्ति को जब्त करने और दोषी संस्थाओं पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है, जिसे परीक्षा प्रक्रिया को दूषित करने वाले गिरोहों के खिलाफ एक बड़ा हथियार माना जा रहा है।
क्या छात्रों पर भी होगी कार्रवाई? सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कानून का लक्ष्य आम छात्र नहीं हैं। हालांकि, यदि कोई परीक्षार्थी जानबूझकर पेपर खरीदने, लीक सामग्री का प्रसार करने या संगठित नकल में लिप्त पाया जाता है, तो उसे भी कानून के दायरे में लिया जा सकता है।
छात्रों को क्या मिलेगा फायदा? इस कानून के लागू होने से परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित होगी। इससे प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनी रहेगी और परीक्षा माफियाओं के नेटवर्क पर लगाम लगेगी। कुल मिलाकर, योग्य उम्मीदवारों के लिए मेरिट के आधार पर चयन का रास्ता और अधिक सुगम होगा।
The Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026, passed in Lok Sabha. pic.twitter.com/rjuhibsGXy
— ANI (@ANI) July 29, 2026
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