किशनगंज: नीट पेपर लीक को लेकर 25 जुलाई को बिहार के किशनगंज जिले के बहादुरगंज में हुआ प्रदर्शन अब एक बड़े विवाद में बदल गया है। इस दौरान दर्ज की गई FIR पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कई नामजद आरोपियों ने सबूतों के साथ दावा किया है कि घटना के समय वे मौके पर मौजूद ही नहीं थे, जिससे पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है।
रूस से जारी किया वीडियो इस मामले में सबसे चौंकाने वाला दावा कोनन राही (सदाकत कौनैन) का है। सतमेरी कुलभिटा पंचायत के रहने वाले कोनन राही ने रूस से एक वीडियो जारी कर बताया है कि वह मार्च 2026 से ही रूस में सिलाई का काम कर रहा है। उसने कहा है कि 25 जुलाई को वह बहादुरगंज में नहीं बल्कि रूस के शख्ती शहर में था। कोनन ने प्रशासन से मांग की है कि उसके पासपोर्ट और यात्रा रिकॉर्ड की जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
एडमिट कार्ड दिखा रहे बेगुनाही सिर्फ कोनन ही नहीं, बल्कि लौचा पंचायत के अदनान अमीनी ने भी खुद को निर्दोष बताया है। अदनान का दावा है कि जिस समय प्रदर्शन हो रहा था, वह उस समय किशनगंज के गर्ल्स हाई स्कूल में डीएलएड की परीक्षा दे रहे थे। उन्होंने अपनी बात साबित करने के लिए अपना एडमिट कार्ड भी सार्वजनिक किया है। बावजूद इसके, पुलिस ने उन्हें भी FIR में आरोपी बनाया है।
हिंसा और बाद की कार्रवाई 25 जुलाई को एलआरपी चौक पर हुए प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ था, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने 22 लोगों को गिरफ्तार किया और 46 लोगों को नामजद करते हुए FIR दर्ज की। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक दर्जन से अधिक किशोर भी शामिल हैं, जिन्हें जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया था।
सरकार के आदेश के बाद भी सवाल बरकरार विवाद बढ़ता देख बिहार सरकार के गृह विभाग ने 27 जुलाई को घोषणा की थी कि 26 जुलाई शाम 6 बजे तक नीट आंदोलन से जुड़े सभी मामलों को वापस लिया जाएगा और गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाएगा। हालांकि, अब भी यह स्पष्ट नहीं है कि निर्दोष बताए जा रहे लोगों की FIR रद्द होगी या नहीं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बाद में कुछ बाहरी तत्व शामिल हो गए थे, जिसके कारण हालात बिगड़े। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस अपने दावों को साबित करने के लिए क्या रुख अपनाती है।
*क्या बीजेपी शासित सभी राज्यों की पुलिस को अपराधी घोषित करने के लिए सिर्फ नाम के आगे मोहम्मद देखना पड़ता है।🤔🤔
— SANTOSH YADAV (@SANTOSHYAD51199) July 29, 2026
भाई बता रहा है कि वो 4 महीने से रशिया में है फिर भी प्रोटेस्ट के लिए उसके खिलाफ fir लिखी गई है।@bihar_police ये क्या मामला है? pic.twitter.com/1ZXJOfsiUM
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