कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारतीय एथलीटों का जलवा, मीराबई चानू के गोल्ड के साथ भारत के खाते में आए 4 मेडल
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ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। अब तक भारत ने कुल 4 पदक जीतकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। पदक तालिका में भारत के लिए मीराबाई चानू ने जहां स्वर्ण पदक जीता है, वहीं अन्य खिलाड़ियों ने भी अपनी मेहनत से तिरंगे का मान बढ़ाया है।

मीराबाई चानू का स्वर्णिम इतिहास

वेटलिफ्टिंग की सुपरस्टार मीराबाई चानू ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका कोई सानी नहीं है। उन्होंने 48 किलोग्राम भारवर्ग में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह लगातार चौथी बार है जब चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीता है, जो उनकी निरंतरता और प्रतिभा को दर्शाता है।

मुथुपंडी राजा का शानदार वापसी पर सिल्वर

वेटलिफ्टर मुथुपंडी राजा ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक (सिल्वर) जीतकर देश को गौरवान्वित किया। 2019 में कोहनी की गंभीर चोट के बाद वापसी करना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने कुल 286 किलोग्राम वजन उठाकर साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे कोई बाधा टिक नहीं सकती।

झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में खोला खाता

बिहार के नालंदा निवासी पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में कांस्य पदक (ब्रॉन्ज) जीतकर पैरा खेलों में भारत का खाता खोला। हालांकि, स्वर्ण पदक से चूकने का उन्हें मलाल है, लेकिन उन्होंने संकल्प लिया है कि अगली प्रतियोगिताओं में वे अपनी तकनीकी कमियों को दूर कर गोल्ड पर निशाना साधेंगे।

ऋषिकांत सिंह बने पहले एबल-बॉडीड पदक विजेता

मणिपुर के ऋषिकांत सिंह चनामबम ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। ऋषिकांत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले पहले एबल-बॉडीड भारतीय एथलीट बन गए हैं। उन्होंने कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी जीत पक्की की।

भारत की पदक तालिका पर एक नज़र

| क्रम | एथलीट | इवेंट | पदक | | :--- | :--- | :--- | :--- | | 1 | ऋषिकांत सिंह | मेंस 60 किग्रा वेटलिफ्टिंग | सिल्वर | | 2 | झंडू कुमार | मेंस हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग | ब्रॉन्ज | | 3 | मीराबाई चानू | वूमेंस 48 किग्रा वेटलिफ्टिंग | गोल्ड | | 4 | मुथुपांडी राजा | मेंस 65 किग्रा वेटलिफ्टिंग | सिल्वर |

भारतीय दल का यह प्रदर्शन न केवल आशाजनक है, बल्कि आने वाले दिनों में और भी पदकों की उम्मीद जगाता है। खिलाड़ी अपने कोच और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के मार्गदर्शन में अपने अगले मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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