अब पैसों के लिए नहीं रुकेगी किसी गरीब की सर्जरी: नागपुर महा आरोग्य शिविर में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान
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नागपुर: स्वास्थ्य सुविधाओं को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प के साथ, नागपुर में आयोजित एक भव्य महा आरोग्य शिविर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐतिहासिक घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राज्य में धन के अभाव में किसी भी जरूरतमंद मरीज का इलाज या सर्जरी नहीं रुकेगी।

राज्य सरकार ने बढ़ाई मदद की सीमा मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पर्याप्त फंड का इंतजाम सुनिश्चित किया है। अब महात्मा फुले जन आरोग्य योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें कई नई गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है।

योजना के तहत पहले जो 5 लाख रुपये की सीमा थी, उसे पार करने वाली जटिल बीमारियों के लिए अब 9 लाख से लेकर 35 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता सरकारी खजाने से प्रदान की जा रही है।

साढ़े चार सौ करोड़ से ज्यादा की सहायता आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले डेढ़ साल में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के जरिए 57 हजार मरीजों को 452 करोड़ रुपये की सीधी मदद पहुंचाई गई है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि पैसा इलाज में बाधा नहीं बनना चाहिए।

मूक-बधिर बच्चों के लिए नई उम्मीद इस शिविर की सबसे बड़ी खासियत कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की शुरुआत रही। सरकार ने उन बच्चों के लिए मुफ्त सर्जरी का बीड़ा उठाया है जो सुन या बोल नहीं सकते। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य आने वाली पीढ़ी में एक भी बच्चा मूक-बधिर न रहे, इसे सुनिश्चित करना है।

कैंसर इलाज पर विशेष जोर कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की महंगी दवाओं और इंजेक्शनों की कीमतों को कम करने की दिशा में काम करना चाहिए, ताकि गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ न पड़े।

हजारों मरीजों को मिला जीवनदान नागपुर के धनवटे नेशनल कॉलेज में आयोजित इस शिविर में 15 से 22 जुलाई के बीच 31 हजार मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें से 4500 मरीजों की पहचान सर्जरी के लिए की गई है, जिनका पूरा खर्च सरकार उठाएगी।

इसके अलावा, कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंदों को मोबाइल क्लिनिक, एंबुलेंस और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर का वितरण भी किया गया। यह शिविर राज्य के स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है।

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