शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: टी.के. अनिल कुमार बने नए सचिव, NTA में 47 अधिकारी बर्खास्त
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देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली इन दिनों भारी संकट के दौर से गुजर रही है। पेपर लीक के विवादों के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक ऑपरेशन शुरू किया है, जिसके तहत शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में एक बड़ा क्लीन-अप ड्राइव चलाया गया है।

कौन हैं टी.के. अनिल कुमार? कर्नाटक कैडर के 1995 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी टी.के. अनिल कुमार ने 24 जुलाई को स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव का पदभार संभाल लिया है। वे इससे पहले ग्रामीण विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यरत थे। प्रशासनिक गलियारों में उन्हें एक कड़क और अनुभवी अधिकारी के रूप में जाना जाता है। ऐसे समय में जब शिक्षा प्रणाली की साख दांव पर है, उन्हें एक विशेष भरोसे के साथ इस जिम्मेदारी पर बैठाया गया है।

NTA में ऑपरेशन क्लीन-अप सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के भीतर हुई है। विवादों में घिरी इस एजेंसी से 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह केवल नौकरी से निकालने तक सीमित नहीं है, बल्कि इनमें से कई अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है। इसे NTA के इतिहास का सबसे बड़ा अंदरूनी शुद्धिकरण माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य परीक्षा माफियाओं के सिंडिकेट को खत्म करना है।

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल शिक्षा मंत्रालय में केवल अनिल कुमार की ही नियुक्ति नहीं हुई है, बल्कि बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। शुक्रवार को नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने विनीत जोशी की जगह ली है, जिन्हें अब पंचायती राज विभाग में भेज दिया गया है। इन लगातार बदलावों को सरकार की उस रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे शिक्षा तंत्र का चेहरा पूरी तरह बदला जा सके।

कैबिनेट में अचानक इस्तीफा इसी प्रशासनिक उठापटक के बीच शनिवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम भी सामने आया। केंद्रीय कैबिनेट के एक वरिष्ठ सदस्य ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंप दिया। उन्होंने अपने बयान में देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के पीछे राष्ट्र-विरोधी ताकतों का हाथ होने की बात कही और कहा कि वे सरकार की छवि बचाने के लिए खुद को पद से अलग कर रहे हैं।

आगे की राह और चुनौतियां भविष्य में शिक्षा मंत्रालय का पूरा ध्यान परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने पर होगा। टी.के. अनिल कुमार के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग अब इन चुनौतियों से कैसे निपटता है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में शिक्षा प्रशासन में अभी और भी बड़े संस्थागत बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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