धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: राहुल गांधी बोले— यह तो बस शुरुआत है, व्यवस्था बदलनी होगी
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस बड़े घटनाक्रम पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में पहला कदम बताया है।

राहुल गांधी का युवाओं को सलाम

राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को एक प्रतीकात्मक लेकिन बड़ा कदम करार दिया। उन्होंने कहा, प्रधान केवल एक प्रतीक थे, लेकिन उनका हटना शिक्षा व्यवस्था को फिर से बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने उन सभी छात्रों और युवाओं को बधाई दी जो सड़कों पर उतरे, लोकतंत्र के लिए लड़े और संविधान की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद की।

प्रियंका गांधी का भावुक बयान

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस घटनाक्रम पर खुशी जाहिर करते हुए इसे न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा, सरकार को देश के युवाओं के आगे झुकना पड़ा। यह उन छात्रों की जीत है जो डरे नहीं और जिन्होंने हार नहीं मानी। प्रियंका ने युवाओं को राष्ट्र की आत्मा बताते हुए कहा कि उनकी आवाज को कोई कभी दबा नहीं सकता।

इस्तीफे की वजह: नीट विवाद और नैतिक जिम्मेदारी

धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपे अपने इस्तीफे में लंबी सेवा और शिक्षा सुधारों के अपने संकल्प का जिक्र किया। उन्होंने 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में हुई अनियमितताओं को स्वीकार किया और कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही इसकी पूर्ण जिम्मेदारी ली है।

प्रधान ने अपने पत्र में लिखा कि वे किसी भी मेधावी छात्र के भविष्य को परीक्षा माफिया के हाथों खराब नहीं होने देना चाहते थे। उन्होंने परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सरकार, जिला प्रशासन और अभिभावकों के सहयोग का आभार भी जताया।

अब कौन होगा अगला शिक्षा मंत्री?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब नए नाम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, सरकार के पास अभी तीन मुख्य विकल्प हैं:

  1. अस्थायी प्रभार: मंत्रालय की कमान फिलहाल राज्य मंत्री जयंत चौधरी या सुकांत मजूमदार को सौंपी जा सकती है।
  2. PMO की निगरानी: जब तक पूर्णकालिक मंत्री की नियुक्ति नहीं होती, पोर्टफोलियो सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के पास रह सकता है।
  3. कैबिनेट फेरबदल: आगामी फेरबदल में किसी अनुभवी सीनियर नेता को पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री के रूप में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

फिलहाल, सरकार ने इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन प्रधान का इस्तीफा मंजूर होना केवल औपचारिकता माना जा रहा है।

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