प्रह्लाद जोशी: शिक्षा मंत्रालय का नया संकटमोचक , कर्नाटक से दिल्ली तक की हलचल
News Image

देश की राजनीति में शनिवार को एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें ऐसे समय में मिली है जब मंत्रालय पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा है।

कर्नाटक से इमरजेंसी बुलावा जिस समय शिक्षा मंत्रालय में बड़े बदलाव की पटकथा लिखी जा रही थी, प्रह्लाद जोशी अपने संसदीय क्षेत्र कर्नाटक में थे। उन्हें रविवार (26 जुलाई) को दिल्ली लौटना था, लेकिन केंद्र से आए एक फोन कॉल ने उनके कार्यक्रम को बदल दिया।

आनन-फानन में हुबली हवाई अड्डे से फ्लाइट पकड़कर जोशी शनिवार की शाम साढ़े 7 बजे नई दिल्ली पहुंचे। उन्हें सूचित किया गया कि अब उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा मंत्रालय का कामकाज संभालना होगा।

कौन हैं प्रह्लाद जोशी? 64 वर्षीय प्रह्लाद जोशी भाजपा के एक अनुभवी नेता हैं। वे साल 2004 से कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार सांसद चुनकर आ रहे हैं। 2019 से वे मोदी मंत्रिमंडल का अहम हिस्सा रहे हैं।

जोशी ने 2019 से 2024 के बीच कोयला, खान और संसदीय मामलों के मंत्री के रूप में अपनी छाप छोड़ी थी। 2024 के बाद से वे खाद्य और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने से उनके कंधों पर काम का बोझ और बढ़ गया है।

राजनीतिक सफर की शुरुआत प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक करियर जमीनी स्तर से शुरू हुआ। 1995 से 1998 तक वे भाजपा के धारवाड़ जिलाध्यक्ष रहे। इसके बाद 2003 तक उन्होंने जिला महासचिव की जिम्मेदारी संभाली। 2004 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। तब से वे पार्टी के भरोसेमंद चेहरों में गिने जाते हैं।

जिम्मेदारी स्वीकारते हुए क्या बोले जोशी? अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने के बाद प्रह्लाद जोशी ने विनम्रता से इसे स्वीकार किया। उन्होंने कहा, मैं इस जिम्मेदारी को कर्तव्य और विनम्रता की भावना के साथ स्वीकार करता हूं। मैं प्रधानमंत्री का आभारी हूं। मैं उनके मार्गदर्शन में अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करने के लिए तत्पर हूं।

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया था। अब सभी की निगाहें प्रह्लाद जोशी पर टिकी हैं कि वे शिक्षा मंत्रालय में व्याप्त चुनौतियों को कैसे हल करते हैं।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

शिक्षा मंत्रालय का नया चेहरा: प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर CJP ने दी बड़ी चेतावनी

Story 1

अब पाक से सिर्फ POK पर होगी बात, राजनाथ सिंह की दो टूक: आतंक के सहारे भारत को डराने का सपना छोड़ दो

Story 1

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रह्लाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री: कॉकरोच जनता पार्टी ने दी मुलाकात की चेतावनी

Story 1

बिहार: NEET विरोध में दहला सीवान, पुलिस फायरिंग पर तेजस्वी का बड़ा आरोप- चलाईं AK-47

Story 1

ईशान किशन की बड़ी चूक: आसान रन आउट मिस का वीडियो हुआ वायरल

Story 1

शोरूम से निकलते ही नई कार का हुआ बुरा हाल, पहली ड्राइव में महिला ने पोल से टकराया सपना

Story 1

15 साल के वैभव सूर्यवंशी को बाहरी शोर से रहने की सलाह, ईशान किशन ने खोला बड़ा राज

Story 1

झंडू नाम बना ताना, ई-रिक्शा तक चलाया और अब ग्लासगो में बढ़ाया भारत का मान

Story 1

ट्विशा शर्मा डेथ केस: पूर्व जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ को बड़ा झटका, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

Story 1

तेजप्रताप की गिरफ्तारी पर आर-पार के मूड में तेजस्वी: बोले- कल तक रिहाई नहीं, तो होगा बड़ा आंदोलन