देश में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।
लगातार विरोध का दबाव पिछले 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों की सबसे प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही थी। इस आंदोलन को कांग्रेस सहित विपक्ष के तमाम दलों का भी खुला समर्थन मिल रहा था।
विपक्ष पर साधा निशाना इस्तीफे की घोषणा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस स्थिति को और अधिक बिगड़ने नहीं देना चाहते।
राष्ट्रहित में लिया फैसला प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि जंतर-मंतर पर बने माहौल का फायदा राष्ट्र-विरोधी ताकतें उठा सकती हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे और देश में शांति बनी रहे, इसी जिम्मेदारी के तहत उन्होंने यह कदम उठाया है।
फिलहाल इस इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले पर आगे क्या रुख अपनाती है।
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 25, 2026
जंतर-मंतर पर फूड डिलीवरी पर बैन? दिल्ली पुलिस ने अफवाहों का किया सूपड़ा साफ
टाइफाइड का वार, फिर भी जारी है कॉकरोच जनता पार्टी का आर-पार!
आप जैसी मां होती तो मैं कर लेती सुसाइड... लॉक अप 2 में शिल्पा शिंदे पर भड़कीं शिवांगी जोशी
स्वाइन फ्लू की चपेट में आईं दिग्गज एक्ट्रेस शबाना आजमी, डॉक्टरों ने दी 5 दिन के आइसोलेशन की सलाह
नीट पेपर लीक: बिहार बंद से दहला पटना, तेज प्रताप यादव हिरासत में
सब्जी बेचने से CWG के पोडियम तक: झंडू कुमार ने गरीबी और पोलियो को हरा भारत को दिलाया पहला मेडल
नीट पेपर लीक: बीमारी से जूझ रहे हैं CJP चीफ अभिजीत दिपके, फिर भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े
ब्लैक सी में भारतीय नाविक की मौत: व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों से भारत सख्त, जताई कड़ी चिंता
सोनम वांगचुक के बचाव में उतरी CJP: सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा- अब सिर्फ हां या ना में जवाब चाहिए
असम और गुजरात में कुदरत का तांडव: बाढ़ से 93 मौतें, 7 लाख से ज्यादा लोग बेघर