बिहार में महाबंद का डर: नीट पेपर लीक पर आर-पार की लड़ाई, 5 गिरफ्तार और हाई अलर्ट पर सूबा
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NEET पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब बिहार में एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक टकराव में बदल चुका है। वामपंथी छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के समर्थन में बुलाए गए बिहार बंद के कारण पूरा राज्य हाई अलर्ट पर है।

आधी रात को हुआ बड़ा एक्शन बंद से ठीक पहले पटना पुलिस ने एक गोपनीय ऑपरेशन में माले विधायक संदीप सौरभ समेत 5 बड़े छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। प्रशासन का आरोप है कि ये नेता 22 जुलाई को हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मुख्य सूत्रधार थे। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि वीडियो फुटेज के आधार पर और भी गिरफ्तारियां की जाएंगी।

मुजफ्फरपुर में डिजिटल कर्फ्यू प्रदर्शनों को देखते हुए मुजफ्फरपुर में प्रशासन ने इंटरनेट पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। इसके अलावा 24 प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया गया है। मोतिहारी से लेकर गोपालगंज तक ड्रोन कैमरों और सादे लिबास में तैनात पुलिसकर्मियों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

दरभंगा में डिप्टी मेयर पर शिकंजा दरभंगा से आई एक वायरल वीडियो ने राजनीति गरमा दी है। इसमें कांग्रेस नेत्री और डिप्टी मेयर नाजिया हसन कथित तौर पर पुलिस बैरिकेडिंग उखाड़ती दिख रही हैं। इस पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की है। वहीं, खगौल में 200 अज्ञात और शिवहर में 9 संदिग्धों पर कार्रवाई की गई है।

अस्पतालों में छुट्टियां रद्द, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग बंद को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गोपालगंज सहित कई जिलों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। आपातकालीन सेवाओं और एम्बुलेंस को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

भाजपा का रुख: दोषियों पर सख्त कानून इस बीच पटना पहुंचे भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाए हैं, जिसमें 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने साफ किया कि सरकार की प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि दोषियों को सजा दिलाना है।

अब आगे क्या? एक तरफ प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ छात्र संगठन अपने आंदोलन को धार देने की तैयारी में हैं। राज्य के कई हिस्सों में सुरक्षा बलों की तैनाती और पुलिस की मुस्तैदी से साफ है कि अगले कुछ घंटे बिहार के लिए बेहद संवेदनशील हैं। क्या सरकार और छात्रों के बीच कोई समाधान निकलेगा या टकराव और बढ़ेगा? नजरें अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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