फुटबॉल की दुनिया में बड़ा उलटफेर: युर्गेन क्लॉप बने जर्मनी के नए कोच, 2030 तक का लिया जिम्मा
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जर्मन फुटबॉल में एक नए युग की शुरुआत हो गई है। फीफा विश्व कप 2026 में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, जर्मन फुटबॉल संघ (DFB) ने दिग्गज मैनेजर युर्गेन क्लॉप को राष्ट्रीय पुरुष टीम की कमान सौंपी है। क्लॉप ने 2030 विश्व कप तक का करार किया है।

नागेल्समान की जगह लेंगे क्लॉप क्लॉप जूलियन नागेल्समान का स्थान लेंगे, जिन्होंने 2026 विश्व कप के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। 2014 के विश्व खिताब के बाद से जर्मन टीम के खराब प्रदर्शन ने प्रशंसकों को काफी निराश किया है। क्लॉप के आने से टीम में फिर से वापसी की उम्मीद जगी है।

ब्रेक के बाद धमाकेदार वापसी साल 2024 में लिवरपूल छोड़ने के बाद क्लॉप ने कोचिंग से ब्रेक लिया था और हाल ही में रेड बुल में ग्लोबल सॉकर हेड के तौर पर काम कर रहे थे। अब वे पूरी तरह से जर्मनी की खोई हुई प्रतिष्ठा को बहाल करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

कोचिंग स्टाफ में भरोसेमंद चेहरे क्लॉप अपनी पुरानी टीम के साथ मैदान पर उतरेंगे। उनके साथ भरोसेमंद सहयोगी पेप लिंडर्स और पीटर क्राविएत्ज़ स्टाफ का हिस्सा होंगे। इसके अलावा, बोरुसिया डॉर्टमुंड के पूर्व खिलाड़ी स्वेन बेंडर को भी कोचिंग सेटअप में जोड़ा गया है। वहीं, पेर मर्टेसाकर जनवरी 2027 से स्पोर्टिंग डायरेक्टर की भूमिका संभाल सकते हैं।

धमकी पर बोले क्लॉप अपनी नियुक्ति के दौरान क्लॉप ने साफ कर दिया कि वे किसी भी तरह का दबाव बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, मैं यह काम अपने लिए नहीं, आपके (देश) लिए कर रहा हूं। यदि मेरे परिवार को निशाना बनाया गया, तो मैं तुरंत पद छोड़ दूंगा।

सितंबर में पहली अग्निपरीक्षा क्लॉप के सामने तत्काल चुनौती टीम में नया विश्वास जगाने की है। उनकी पहली परीक्षा सितंबर के अंत में यूएफा नेशंस लीग में होगी, जहां जर्मनी का सामना नीदरलैंड्स, ग्रीस और सर्बिया से है।

2026 का कड़वा अनुभव फीफा विश्व कप 2026 में जर्मनी का सफर बेहद छोटा रहा था। जोशुआ किमिख की कप्तानी में टीम राउंड ऑफ 32 तक ही पहुंच पाई। पराग्वे के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में मिली 4-3 की हार ने जर्मनी को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था, जिसे भूलकर अब टीम क्लॉप के नेतृत्व में आगे बढ़ने को तैयार है।

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