नीट पेपर लीक विवाद: नकल नहीं, मेहनत को सम्मान मिले , सचिन तेंदुलकर और शुभमन गिल ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
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दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच अब खेल जगत की दिग्गज हस्तियों ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। 20 जुलाई 2026 को प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद, देश भर में छात्रों की निराशा और गुस्से पर सचिन तेंदुलकर और कप्तान शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों ने चिंता जताई है।

मेरे पिता भी प्रोफेसर थे , सचिन का भावुक संदेश क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर एक विस्तृत नोट साझा किया। उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए लिखा, मेरे पिता एक प्रोफेसर थे और उन्होंने मुझे सिखाया था कि असफल होना ठीक है, लेकिन नकल करना नहीं। शॉर्टकट कभी भी सफलता का विकल्प नहीं हो सकते।

सचिन ने इस बात पर जोर दिया कि एक समाज के रूप में हमें मेरिटोक्रेसी (योग्यता) को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा, जब छात्र कड़ी मेहनत के बाद भी परिणाम न मिलने से निराश होते हैं, तो यह स्वाभाविक है। हमें मिलकर ऐसी संस्कृति बनानी होगी जहां ईमानदारी और कड़ी मेहनत का सम्मान हो।

शुभमन गिल और अन्य खिलाड़ियों का रुख भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने इंस्टाग्राम के जरिए छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, हर युवा सीखने और अपने भविष्य को आकार देने का हकदार है। मैं उन सभी युवाओं का सम्मान करता हूं जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं। शिक्षा ही हमारे देश के भविष्य की नींव है।

पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने भी छात्रों के संघर्ष को सराहा। उन्होंने लिखा, छात्रों और उनके परिवारों द्वारा किए गए त्याग को कोई भी पेपर लीक बर्बाद नहीं कर सकता। मुझे विश्वास है कि अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

बबीता फोगाट और शिखर धवन की अपील जहां एक ओर खिलाड़ी छात्रों का मनोबल बढ़ा रहे हैं, वहीं पहलवान और सामाजिक कार्यकर्ता बबीता फोगाट ने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है और संवाद के जरिए हर मुद्दे का हल निकाला जा सकता है।

शिखर धवन ने भी धैर्य बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा, मुश्किल समय में देश की संस्थाओं पर भरोसा रखना जरूरी है। भारत हमेशा चुनौतियों से लड़कर आगे बढ़ा है और आगे भी बढ़ता रहेगा।

शिक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल नीट पेपर लीक का यह मुद्दा अब केवल छात्रों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है। दिग्गज खिलाड़ियों का आगे आना यह दर्शाता है कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर देश का हर वर्ग चिंतित है। अब देखना यह होगा कि सरकार छात्रों के इन सरोकारों पर क्या ठोस कदम उठाती है।

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