दिल्ली हाई कोर्ट में हाल ही में हुए संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर बड़ी सुनवाई हुई है। इस दौरान दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) संदीप लांबा का एक वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें वे एक महिला प्रदर्शनकारी को कथित तौर पर थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने घटना से जुड़े करीब 130 वीडियो की जांच की है। वकील ने दावा किया कि वर्दी और बिना पहचान बैज वाले लोग प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने ADCP संदीप लांबा का वीडियो दिखाया और उन पर एक शांत महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगाया।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने फिलहाल आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही, घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का कड़ा निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को तय की गई है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और पुलिस ने संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 का उल्लंघन किया है। वकीलों ने आरोप लगाया कि लाठी, आंसू गैस और इलेक्ट्रिक बैटन के इस्तेमाल से 90 से ज्यादा लोग घायल हुए। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने इन आरोपों को भ्रामक और अधूरा बताया। उन्होंने तर्क दिया कि प्रदर्शन हिंसक हो गया था और पुलिसकर्मियों पर भी पत्थरबाजी की गई। स्वयं ADCP संदीप लांबा का कहना है कि पत्थरबाजी में उनके घुटने में चोट आई और धक्का-मुक्की के दौरान उनकी वर्दी भी फट गई। पुलिस के अनुसार, इस पूरे बवाल के बाद कुल नौ एफआईआर दर्ज की गई हैं।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में पब्लिक लॉ के तहत राहत मांगी जा सकती है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के जवाब पर सबकी नजरें टिकी हैं। क्या 11 सितंबर को होने वाली सुनवाई ADCP संदीप लांबा की मुश्किलें बढ़ाएगी, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
Sandeep Lamba, Additional DCP of Delhi Police, slapped a girl in the face on camera.
— Jaswinder kaur (@TheReal_Jassi) July 21, 2026
How can a male police officer even touch a female protestor, let alone slapping her?
I hope someone sue this arrogant prick. #CJPProtests pic.twitter.com/ttkgBicfZR
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