74 साल बाद समुद्र की 2000 फीट गहराई में मिला मौत का विमान , जिसने बदल दी हवाई यात्रा की दुनिया
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अटलांटिक महासागर की गहराइयों में बीते 74 सालों से लापता एक रहस्य आखिरकार सुलझ गया है। समुद्र तल में 2,000 फीट नीचे पैन अमेरिकन एयरवेज के क्लिपर एंडेवर विमान का मलबा मिला है। यह वही विमान है, जिसके दर्दनाक हादसे ने न केवल 52 लोगों की जान ली, बल्कि आधुनिक हवाई सुरक्षा की नींव भी रखी।

उड़ान के कुछ मिनट बाद ही समा गया था समंदर में 11 अप्रैल 1952 को प्यूर्टो रिको से न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भरने वाले डगलस DC-4 विमान के साथ महज कुछ ही मिनटों में अनहोनी हो गई। विमान के दाहिनी ओर के दोनों इंजन अचानक फेल हो गए, जिसके बाद पायलट को समुद्र में आपातकालीन लैंडिंग के लिए मजबूर होना पड़ा। समुद्र में उतरते समय टक्कर से तो यात्री बच गए, लेकिन विमान इतनी तेजी से डूबा कि 69 लोगों में से केवल 17 को ही बचाया जा सका।

हाई-टेक तकनीक से मिली दशकों पुरानी पहेली खोजबीन का जिम्मा एयर/सी हेरिटेज फाउंडेशन, डीप सी विजन और डिस्कवरी चैनल के शो एक्सपेडिशन अननोन की संयुक्त टीम ने उठाया। हाई-रिजॉल्यूशन सोनार तकनीक और अंडरवॉटर ड्रोन की मदद से 2 जून को समुद्र की तलहटी पर मलबा खोज निकाला गया। तस्वीरों में विमान पर लगा पैन अमेरिकन का लोगो और क्लिपर एंडेवर का नाम स्पष्ट देखा जा सकता है, जिससे दशकों से चल रही तलाश खत्म हुई।

सुरक्षा नियमों में आया बड़ा बदलाव इस हादसे की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। यात्रियों को लाइफ जैकेट, इमरजेंसी एग्जिट या निकासी की प्रक्रिया के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इस त्रासदी के बाद ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उड़ानों से पहले सेफ्टी ब्रीफिंग और डेमो को अनिवार्य बनाया गया। आज आप अपनी फ्लाइट में जो सुरक्षा निर्देश देखते हैं, उनकी शुरुआत इसी विमान हादसे के कड़वे सबक से हुई थी।

अब स्मारक बनेगा अंतिम विश्राम स्थल खोज दल ने स्पष्ट किया है कि विमान को समुद्र से बाहर नहीं निकाला जाएगा। समुद्र की 2,000 फीट की गहराई में स्थित इस मलबे को हादसे के 52 शिकारों की अंतिम विश्राम स्थली के रूप में संरक्षित किया जाएगा। एयर/सी हेरिटेज फाउंडेशन अब प्यूर्टो रिको सरकार के साथ मिलकर इस जगह को एक आधिकारिक स्मारक का दर्जा दिलाने की दिशा में काम कर रहा है।

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