नीट विवाद: यह राष्ट्रद्रोहियों का प्रदर्शन , धर्मेंद्र प्रधान के बचाव में उतरे NDA के दिग्गज
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नीट (NEET) पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार चारों तरफ से घिरी हुई है। विपक्ष के आक्रामक तेवरों के बीच अब एनडीए (NDA) के सहयोगी दल लामबंद हो गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने विपक्ष के प्रदर्शन को साजिश और राष्ट्रद्रोह करार दिया है।

इस्तीफा देने का मतलब गलती मानना : योगेंद्र उपाध्याय यूपी के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विवादित टिप्पणी करते हुए नीट विरोध प्रदर्शन को राष्ट्रद्रोहियों का प्रदर्शन बताया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने दो टूक कहा कि अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा देते हैं, तो यह संदेश जाएगा कि उन्होंने कुछ गलत किया है। उपाध्याय के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान ने कोई गलती नहीं की है, इसलिए उनके इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठता।

विपक्ष कर रहा पब्लिसिटी का स्टंट: संजय निषाद एनडीए के सहयोगी और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने प्रदर्शनकारी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल पब्लिसिटी और हिंसा फैलाने के लिए सड़कों पर उतर रहा है। उन्होंने साफ किया कि युवाओं का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं, बल्कि उन्हें सही दिशा दिखाने के लिए होना चाहिए।

प्रधानमंत्री के संकल्प पर भरोसा नीट पेपर लीक को पीएम मोदी द्वारा महापाप कहे जाने पर संजय निषाद ने उनके रुख का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जो जोर दिया है, उससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगेगी। मंत्री ने दावा किया कि पीएम जो कहते हैं, उसे पूरा करके दिखाते हैं।

सपा के समय होती थी नकल की मंडी : ओम प्रकाश राजभर सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने पुराने दिनों को याद दिलाते हुए सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। राजभर ने कहा कि सपा की सरकार के समय तो नकल और प्रश्न-पत्र खुलेआम बेचे जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में भी पेपर लीक हुए हैं।

छात्रों को उकसाकर भागे नेता दिल्ली में हुए लाठीचार्ज पर राजभर ने कहा कि हम किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करते, लेकिन छात्रों को उकसाने वाले नेता खुद मौके से फरार हो गए। उन्होंने दावा किया कि नीट विरोध की आड़ में वहां देश-विरोधी और अफजल के समर्थन में नारे लगाए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग उकसावे की राजनीति करते हैं, उन्हें इसके परिणाम भुगतने ही होंगे।

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