सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मेदांता अस्पताल से मोदी सरकार के नाम एक भावुक और निर्णायक चिट्ठी लिखी है। वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वे अपना अनशन खत्म करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए सरकार को छात्रों की सुरक्षा की लिखित गारंटी देनी होगी।
केंद्रीय मंत्रियों को लिखा पत्र सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को संबोधित करते हुए यह पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई मुलाकात के दौरान मंत्रियों ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की थी। वांगचुक के अनुसार, सरकार ने पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और जवाबदेही तय करने जैसे मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाया है।
छात्रों पर नहीं होनी चाहिए बदले की कार्रवाई वांगचुक की सबसे बड़ी चिंता चलो संसद मार्च में शामिल हुए युवा प्रदर्शनकारी हैं। उन्होंने कहा, 20 जुलाई का मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण था। युवाओं ने लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। मैं उम्मीद करता हूं कि इन छात्रों पर कोई कानूनी केस दर्ज नहीं किया जाएगा और न ही उन्हें परेशान किया जाएगा।
युवाओं की कीमत पर अनशन खत्म नहीं करूंगा पत्र में वांगचुक ने कहा कि उन्हें देश भर के 65 से अधिक सांसदों का समर्थन मिला है। सभी ने उनसे काम पर लौटने की अपील की है। वांगचुक ने कहा, मैं जीना चाहता हूं, अपने छात्रों के पास लौटना चाहता हूं। लेकिन मैं उन युवाओं को अकेला नहीं छोड़ सकता, जिनके लिए मैंने यह आंदोलन शुरू किया था। उनका एकमात्र गुनाह एक बेहतर शिक्षा प्रणाली की मांग करना था।
सरकार से मांगा ठोस आश्वासन सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार उन्हें यह भरोसा देती है कि किसी भी प्रदर्शनकारी छात्र के खिलाफ बदले की कार्रवाई नहीं होगी, तो वे तुरंत अपना अनशन छोड़ देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा आश्वासन नहीं मिलता, तो वे अनिश्चितकाल तक अपना अनशन जारी रखने के लिए मजबूर होंगे।
लोकतंत्र की परीक्षा का समय वांगचुक ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि हमारे लोकतंत्र का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि वह उन युवाओं के साथ कैसा व्यवहार करती है, जो साहस के साथ अपनी आवाज़ उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भविष्य में प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
दिल्ली हाई कोर्ट का रुख इस बीच, सीजेपी (CJP) समर्थकों ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए अत्यधिक बल प्रयोग की जांच की मांग की है। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
AN APPEAL TO THE GOVERNMENT
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 22, 2026
regarding breaking my fast… pic.twitter.com/v1fbZiI66b
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