राजस्थान के जालोर जिले से एक ऐसी भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है, जिसने इंटरनेट पर लाखों लोगों की आंखें नम कर दी हैं। 27 वर्षीय प्रियंका उर्फ पीहू, जो लंबे समय से हड्डियों के कैंसर (Bone Cancer) जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रही थीं, ने अपनी विदाई के समय जो साहस दिखाया, वह किसी को भी झकझोर देने के लिए काफी है।
आईसीयू में आखिरी इच्छा निधन से करीब सात दिन पहले, जब पीहू आईसीयू में भर्ती थीं और उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी, उन्होंने अपने पिता से एक अजीब लेकिन बेहद भावुक कर देने वाली मांग की। उन्होंने कहा, पापा, एक केक ले आइए... मैं अपने आखिरी पल रोते हुए नहीं, बल्कि मुस्कुराते हुए बिताना चाहती हूं।
मुस्कुराहट के साथ विदाई पिता ने बेटी की अंतिम इच्छा पूरी की। अस्पताल के गंभीर वातावरण में, जहां अक्सर सन्नाटा या उदासी होती है, पीहू ने केक काटा और अपने परिजनों को खिलाया। उन्होंने साबित कर दिया कि मौत के करीब होने के बावजूद इंसान के पास यह चुनने की आजादी होती है कि वह अपने आखिरी पलों को कैसे जिएगा। पीहू ने हंसते हुए इस दुनिया को विदा कहा।
हौसले की मिसाल बनीं पीहू कैंसर की लंबी लड़ाई के दौरान पीहू ने कभी हार नहीं मानी। परिजनों के अनुसार, वे गंभीर दर्द के बावजूद हमेशा सकारात्मक रहती थीं। उनकी यह सकारात्मकता केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि अस्पताल के अन्य मरीजों और उनके परिवार के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी रही।
सोशल मीडिया पर उमड़ा जनसैलाब पीहू की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि उनकी मुस्कान हमें सिखाती है कि जीवन की मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, जीने का नजरिया हमें खुद तय करना होता है। कई नेटिज़न्स ने इसे जीवन जीने का सबसे बड़ा सबक करार दिया है।
मानसिक मजबूती का संदेश स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि गंभीर बीमारियों के दौरान मानसिक मजबूती और सकारात्मक वातावरण मरीज को आंतरिक शांति देता है। पीहू का यह फैसला कि वे गम में नहीं बल्कि खुशी में विदा होंगी, जीवन के प्रति उनके गहरे दृष्टिकोण को दर्शाता है।
आज पीहू हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी वह आखिरी मुस्कान और उनके शब्द हमेशा के लिए लोगों के दिलों में बस गए हैं। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि जिंदगी का हर पल अनमोल है।
*कभी-कभी जिंदगी हमें इतना दर्द देती है कि इंसान टूट जाता है... लेकिन कुछ लोग दर्द में भी मुस्कुराना सिखा जाते हैं। पीहू भी उन्हीं में से एक थीं। 💔🥺
— Mandeep RajBhar (@MandeepRajBhar9) July 21, 2026
राजस्थान के जालोर की 27 वर्षीय प्रियंका उर्फ पीहू हड्डियों के कैंसर से जूझ रही थीं। जिंदगी के आखिरी दिनों में भी उन्होंने हार नहीं… pic.twitter.com/EwR8CXF8EW
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