पश्चिम बंगाल की राजनीति में 21 जुलाई यानी एकुशे जुलाई महज एक तारीख नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ताकत का सबसे बड़ा प्रदर्शन है। कोलकाता की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का गवाह बना कि तमाम चुनौतियों और सियासी उठापटक के बीच ममता बनर्जी का जमीनी जनाधार अभी भी अटूट है।
जमीनी शक्ति का प्रदर्शन आज के दौर में जब राजनीति सोशल मीडिया के हैशटैग और हेडलाइंस तक सिमटती दिख रही है, तब ममता बनर्जी का यह जनसैलाब एक अलग संदेश देता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह भीड़ साबित करती है कि ममता बनर्जी की अपील केवल हवा में नहीं, बल्कि बंगाल की जड़ों तक फैली है।
विरोधियों पर दीदी का तीखा प्रहार बिरला तारामंडल के पास आयोजित विशाल रैली में ममता बनर्जी ने बागी नेताओं और विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट कहा, जो लोग सुर्खियों और हैशटैग के जरिए सत्ता का सपना देख रहे हैं, वे भ्रम में हैं। हमारी पार्टी की नींव कार्यकर्ताओं का पसीना है।
गद्दारों के लिए बंद दरवाजे बागी गुटों और पार्टी छोड़कर जाने वालों को चेतावनी देते हुए ममता ने कहा कि अब उनके लिए टीएमसी के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी युवाओं और छात्रों की नई पौध के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी केंद्रीय एजेंसी या दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और चुनौती एकुशे जुलाई का दिन 1993 में पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की याद में मनाया जाता है। इस बार टीएमसी के भीतर जारी गुटबाजी के बावजूद, ममता बनर्जी के मंच पर दिखी भारी भीड़ ने यह संदेश दिया कि पार्टी की कमान और जनता का भरोसा अभी भी पूरी तरह उनके हाथ में है।
क्या ममता की वापसी हो गई है? इस रैली ने टीएमसी कैडर में नया जोश भर दिया है। जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया की सियासी कयासबाजी एक तरफ है, लेकिन बंगाल की जमीन पर ममता बनर्जी की पकड़ अब भी बेजोड़ है। इस सफल शक्ति प्रदर्शन के बाद यह साफ हो गया है कि बंगाल की राजनीति का केंद्र बिंदु आज भी दीदी ही हैं।
*Electrifying ‘Ekushe’ 21 July @AITCofficial Martyrs Day Rally in Kolkata. Organic. Grassroots. The roar OF THE PEOPLE. No traitor party, no chanda chori- vote chori party, no ED party, parties reliant on headlines and hashtags —- not one of them even COMES CLOSE to… pic.twitter.com/f1xe6pY6Vt
— Sagarika Ghose (@sagarikaghose) July 21, 2026
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