छात्रों पर लाठीचार्ज से गरमाई सियासत: वाम दलों ने फूंका बगावत का बिगुल, गृह मंत्री से मांगा जवाब
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दिल्ली: देश की राजधानी में छात्रों का प्रदर्शन अब एक बड़े राजनीतिक संघर्ष में बदल गया है। NEET मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज ने विपक्ष को एकजुट कर दिया है। अब इस आंदोलन में वामपंथी दलों (Left Parties) ने भी खुलकर समर्थन का ऐलान कर दिया है।

संसद से सड़क तक हंगामा मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जिसके चलते सदन को स्थगित करना पड़ा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी शामिल हैं, ने पीएम आवास की ओर विरोध मार्च निकाला और धरने पर बैठ गए। कांग्रेस की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

जंतर-मंतर पर वामपंथी नेताओं का जमावड़ा छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को जंतर-मंतर पर वाम दलों के दिग्गज नेता एकजुट हुए। इसमें CPI(M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास, ए.ए. रहीम, वी. सिवादासन के साथ-साथ CPI के लोकसभा सांसद अमरा राम, एस. वेंकटेशन और राज्यसभा सांसद पी. संदोष कुमार शामिल थे।

विरोध करना देशद्रोह नहीं छात्रों पर पुलिस की बर्बरता पर निशाना साधते हुए CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा, हम इस विरोध का हिस्सा हैं और हमने इसे कभी छिपाया नहीं है। सरकार को लगता है कि विरोध करने वाला हर व्यक्ति देश के खिलाफ है, जबकि असहमति लोकतंत्र का अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने भाजपा के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया, जिनमें वाम दलों को प्रदर्शन भड़काने का जिम्मेदार ठहराया जा रहा था।

आंदोलन ने पकड़ी नई रफ्तार CPI सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा कि 20 जुलाई को छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल ने इस आंदोलन को एक नई दिशा दी है। उन्होंने सरकार को असंवेदनशील बताते हुए कहा कि लाठीचार्ज के बावजूद छात्रों की आवाज दबाई नहीं जा सकती।

गृह मंत्री की चुप्पी पर सवाल विपक्ष का अब सीधा निशाना गृह मंत्रालय पर है। वामपंथी नेताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर गृह मंत्री सदन में आकर अपना स्पष्टीकरण दें। नेताओं का आरोप है कि सरकार के पास न तो विरोध को सुनने के लिए कान हैं और न ही छात्रों के दर्द को देखने के लिए आंखें। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस बढ़ते राजनीतिक दबाव के आगे झुकती है या आंदोलन और उग्र रूप लेगा।

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