रोहित-कोहली को टीमों से बाहर करना क्यों है नामुमकिन ? अश्विन ने खोला भारतीय क्रिकेट का कड़वा सच
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भारतीय क्रिकेट में रोहित शर्मा और विराट कोहली का कद इतना बड़ा है कि उन्हें टीम से बाहर करना किसी भी चयनकर्ता के लिए एक बड़ी चुनौती है। दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ऐश की बात पर इस मुद्दे पर खुलकर बात की।

अश्विन का मानना है कि जब तक ये दोनों खिलाड़ी खुद खेलना चाहते हैं, उन्हें टीम से बाहर करना लगभग नामुमकिन है। उनके शानदार रिकॉर्ड और करोड़ों फैंस का समर्थन उन्हें किसी भी अन्य खिलाड़ी से अलग खड़ा करता है।

वे सिर्फ खिलाड़ी नहीं, करोड़ों की उम्मीद हैं

अश्विन ने तर्क दिया कि रोहित और विराट सिर्फ रन मशीन नहीं हैं, बल्कि वे भारतीय क्रिकेट की पहचान हैं। उनके मुताबिक, अगर इन दोनों में से किसी को भी टीम से बाहर किया गया, तो देश में जबरदस्त हंगामा खड़ा हो जाएगा।

अश्विन कहते हैं, उनके पास शानदार रिकॉर्ड हैं। रोहित के नाम 12 हजार से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन हैं। लोग स्टेडियम में सिर्फ उन्हें खेलते हुए देखने आते हैं। उन्हें ड्रॉप करने का फैसला लेना चयनकर्ताओं के लिए बेहद मुश्किल होगा।

बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच भेदभाव का मुद्दा

अश्विन ने भारतीय क्रिकेट में एक कड़वा सच भी बयां किया। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों को जो सुर्खियां और समर्थन मिलता है, वह गेंदबाजों को कभी नहीं नसीब होता।

उन्होंने कहा कि अगर मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज या भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों को टीम से बाहर किया जाता है, तो थोड़ी चर्चा तो होगी लेकिन वैसा शोर नहीं मचेगा जैसा रोहित या विराट के मामले में होता है।

गेंदबाजों को क्यों नहीं मिलता वो सम्मान?

अश्विन के अनुसार, यही कारण है कि स्टार बल्लेबाजों को हटाना नामुमकिन जैसा है। अगर गेंदबाजों को भी फैंस और सिस्टम से वैसा ही अटूट समर्थन मिले, तो उनके लिए भी टीम से बाहर होना इतना आसान नहीं होता।

गौरतलब है कि मोहम्मद शमी ने अपना आखिरी मैच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेला था, जबकि सिराज लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे हैं। बावजूद इसके, उनके बाहर होने पर उतनी बहस नहीं हुई जितनी रोहित-कोहली के भविष्य पर होती है।

भविष्य पर चर्चा जारी

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद से ही टीम इंडिया में बदलाव और युवा खिलाड़ियों को मौका देने की मांग जोर पकड़ रही है। हालांकि, अश्विन के बयान ने साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट में चयन सिर्फ आंकड़ों के दम पर नहीं, बल्कि स्टार पावर और लोकप्रियता के आधार पर भी प्रभावित होता है।

अब देखना यह है कि क्या बीसीसीआई आने वाले समय में इन दिग्गजों को लेकर कोई सख्त फैसला लेता है या फिर उनकी मौजूदगी पर अनिश्चितकालीन चर्चा जारी रहेगी।

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