सीजेपी का चलो संसद मार्च: जेपी नड्डा के साथ बैठक के बाद प्रदर्शनकारियों से धरना खत्म करने की अपील
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नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और केंद्र सरकार के बीच आज एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। जहां सीजेपी ने दावा किया कि सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया था, वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों की ओर से आया था।

बैठक और मांगों का ब्योरा सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने आज दोपहर जेपी नड्डा के आवास पर उनसे मुलाकात की। मुलाकात के बाद सौरव दास ने बताया कि उन्होंने मंत्री को अपनी तीन मुख्य मांगें सौंपी हैं। इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट 2026 पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और लद्दाखी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा कर उन पर कोई कानूनी कार्रवाई न करना शामिल है।

सरकार का रुख और नड्डा की अपील केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। उन्होंने बताया कि डेलिगेशन के साथ लंबी चर्चा के बाद उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपा गया है। नड्डा ने कहा, मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया है कि वे अपना धरना समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही, उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आंतरिक स्तर पर इस विषय पर चर्चा का आश्वासन दिया है।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव इससे पहले, सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों के संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। सीजेपी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग किया और कई लोगों को चोटें आईं।

दावों का खंडन सोशल मीडिया पर सीजेपी द्वारा किए गए कुछ दावों, जिनमें 12 वर्षीय बच्ची के साथ मारपीट और 40-50 लोगों के सिर फूटने की बात कही गई थी, दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक जारी कर इन्हें सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस ने इन दावों को भ्रामक और गलत जानकारी करार देते हुए जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

गौरतलब है कि लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर थे, जिन्हें हाल ही में दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया था। सीजेपी का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे।

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