यूपी का मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान: प्रयागराज से सोनभद्र तक दौड़ेगा विंध्य एक्सप्रेसवे , दिल्ली तक का सफर होगा सुपरफास्ट
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उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर के नक्शे को बदलने के लिए योगी सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में 330 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। यह प्रोजेक्ट न केवल यूपी के सुदूर इलाकों को जोड़ेगा, बल्कि दिल्ली तक की पहुंच को भी आसान बनाएगा।

विंध्य एक्सप्रेसवे: प्रयागराज से सोनभद्र तक का सफर 3 घंटे में यूपीडा (UPEIDA) द्वारा तैयार की जा रही इस परियोजना के तहत 330 किमी लंबा 6-लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनेगा। यह प्रयागराज की तहसील सोनवार से शुरू होकर मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। इससे प्रयागराज से सोनभद्र के बीच की यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर महज 3 घंटे रह जाएगा। इस मार्ग पर मिर्जापुर के पास गंगा नदी पर एक विशाल पुल और सोनभद्र की पहाड़ियों में आधुनिक टनल का निर्माण किया जाएगा।

पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे की अहमियत विंध्य एक्सप्रेसवे के साथ ही 117 किलोमीटर का पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे भी बनेगा। यह चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी और मिर्जापुर को कवर करेगा। इसका मुख्य मकसद इन जिलों को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ना है, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे का महा-नेटवर्क यह नया एक्सप्रेसवे नेटवर्क यूपी की तीनों बड़ी धमनियों—गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे—को आपस में जोड़ देगा।

धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक विकास को रफ्तार यह एक्सप्रेसवे विंध्य कॉरिडोर के तीन प्रमुख तीर्थस्थलों—संगम (प्रयागराज), मां विंध्यवासिनी धाम (मिर्जापुर) और काशी विश्वनाथ (वाराणसी)—को एक धागे में पिरो देगा। वहीं, दूसरी ओर सोनभद्र और मिर्जापुर के खनन उद्योग और मध्य प्रदेश के सीमेंट-चूना पत्थर उद्योग के माल को दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचाना बेहद सरल हो जाएगा। मिर्जापुर से दिल्ली की दूरी अब मात्र 8 से 9 घंटे में तय की जा सकेगी।

कैबिनेट बैठक: 12 बड़े प्रस्तावों पर मंथन आज मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली कैबिनेट बैठक में न केवल एक्सप्रेसवे के बजट और अलाइनमेंट पर मुहर लगेगी, बल्कि 12 अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। इसमें विधानसभा का सत्र बुलाने, यूपी रोडवेज के लिए 400 करोड़ की इलेक्ट्रिक बसें खरीदने, और वाराणसी में महिला छात्रावास निर्माण जैसे लोक-कल्याणकारी निर्णय शामिल हैं।

इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 340 गांवों की लगभग 4600 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच एक बड़े आर्थिक गलियारे का मार्ग प्रशस्त होगा।

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