दिल्ली की सड़कों पर ऑटो में सीएम: जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए उमर अब्दुल्ला का दिल्ली कूच
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जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा और प्रशासन की सख्ती जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शनिवार को अपनी कैबिनेट के साथियों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। उनकी मांग साफ थी—केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को तत्काल पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करे। हालांकि, मौके पर पहले से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण प्रशासन ने उन्हें वहां अनुमति नहीं दी, जिसके चलते अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

ऑटो की सवारी और बैरिकेडिंग पर धरना सुरक्षा घेरे और ट्रैफिक जाम के बीच, उमर अब्दुल्ला ने आम आदमी का रास्ता चुना। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे दिल्ली में ऑटो रिक्शा बैठकर प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ते दिखे। जंतर-मंतर के पास पुलिस द्वारा रोके जाने पर मुख्यमंत्री सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा, हम अपने मुल्क की राजधानी में अपना हक मांगने आए हैं, लेकिन यहां भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के वादों की याद उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने संसद और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह वादा किया था कि चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश था कि यह काम जल्द से जल्द किया जाए। सरकार बार-बार सही समय (appropriate time) की बात करती है, लेकिन कोई नहीं बताता कि वह सही समय आखिर कब आएगा?

आंसू गैस और कड़ा रुख जंतर-मंतर पर अनुमति न मिलने के बाद जब उमर और उनके समर्थक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब की ओर बढ़े, तो उन्हें वहां भी पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ा। उमर ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उन्होंने कहा, यह हमारे संघर्ष की शुरुआत है। अगर सरकार को राज्य का दर्जा वापस नहीं देना है, तो वे स्पष्ट रूप से कह दें। उसके बाद हम अपना रास्ता खुद तय करेंगे।

क्या है स्टेटहुड की मांग? 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा हटाकर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। उस वक्त आश्वासन दिया गया था कि स्थिति सामान्य होने और चुनाव के बाद पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। 2024 में विधानसभा चुनाव होने और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार बनने के बावजूद, अब तक केंद्र ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इसी वादे को पूरा कराने के लिए आज जम्मू-कश्मीर का नेतृत्व दिल्ली की सड़कों पर उतरा है।

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