मंच गिरा, तंबू उखड़े और जंतर-मंतर खाली संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बाद सोमवार शाम तक जंतर-मंतर स्थित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन स्थल को पूरी तरह खाली करा दिया गया। प्रशासन ने वहां मौजूद मंच, तंबू, बैनर और अन्य सामग्री हटा दी है। फिलहाल, वहां केवल सुरक्षा बल और सफाईकर्मी ही नजर आ रहे हैं।
सड़क पर डटे हजारों प्रदर्शनकारी हालांकि, प्रशासन द्वारा मंच हटाए जाने के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह जंतर-मंतर से करीब 200 मीटर दूर केरल हाउस के पास सड़क पर डटा हुआ है। वहां लाउडस्पीकर लगे टेंपो से संबोधन और नारेबाजी का दौर जारी है। संगठन का साफ कहना है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, वे पीछे नहीं हटेंगे।
पुलिस का कड़ा रुख और धारा 163 का हवाला पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जंतर-मंतर के अतिरिक्त किसी भी अन्य स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। बावजूद इसके, प्रदर्शनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे दोबारा मंच बनाएंगे और अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
लाठीचार्ज और हिंसा के गंभीर आरोप संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर प्रदर्शनकारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कार्यकर्ताओं का दावा है कि पुलिस ने उन्हें पहले रास्ते दिए और फिर अचानक अवरोधक लगाकर उन पर लाठीचार्ज कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है, लोगों के सिर और हाथों पर लाठियां मारी गईं। बच्चे जमीन पर गिरे थे, उन्हें भी नहीं बख्शा गया। कई कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में तीन-चार लोगों की हड्डियां टूटी हैं।
पानी और संचार में बाधा का दावा प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर पानी लाने से रोका गया और इलाके में इंटरनेट जैमर लगाए गए थे, ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान न हो सके। इन मुश्किलों के बीच भी स्वयंसेवक बाहर से पानी लाकर एक-दूसरे की मदद करते नजर आए।
आंदोलन के और मजबूत होने का दावा प्रदर्शनकारियों का मानना है कि पुलिस की सख्ती ने उनके संकल्प को और मजबूत कर दिया है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, अगर अब पीछे हटे तो हमारी एक महीने की मेहनत बेकार जाएगी। हम पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं। बता दें कि 20 जून से शुरू हुआ यह धरना शिक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में चल रहा है। अब नजरें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच का यह गतिरोध आगे क्या मोड़ लेगा।
The protest against the Education Minister continues at Jantar Mantar. We won’t stop until Dharmendra Pradhan is sacked. pic.twitter.com/i8t7Sx39MQ
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 20, 2026
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