संसद तक पहुंचा नीट विरोध: पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, संसद के गेट किए गए बंद
News Image

राजधानी दिल्ली सोमवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित संसद चलो मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर संसद भवन के करीब तक पहुंच गए। हालात को बेकाबू होते देख सुरक्षाबलों ने संसद के गेट बंद कर दिए और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

संसद के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारी प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से निकलते हुए आकाशवाणी भवन, रेल भवन और वायुसेना भवन के करीब तक पहुंच गए। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए व्यापक बैरिकेडिंग की थी और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले सभी रास्ते सील कर दिए थे, लेकिन प्रदर्शनकारी अलग-अलग गुटों में बंटकर संसद की ओर बढ़ने में सफल रहे।

हिंसा और जाम से थमी दिल्ली इस प्रदर्शन के कारण कनॉट प्लेस (CP) के आउटर सर्कल पर भारी जाम लग गया। प्रदर्शनकारियों ने बसों को रोक दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने इलाके के 5 मेट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें हुईं और लाठीचार्ज जैसी स्थितियां उत्पन्न हो गईं।

अभिजीत दीपके का अनशन समाप्त लंबे संघर्ष के बाद सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने जानकारी दी कि CJP का एक प्रतिनिधिमंडल अब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करेगा। हालांकि, पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया के बीच अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को उनकी आवाज दबाने की कोशिश बताया। वहीं, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर इंटरनेट बंद कर बल प्रयोग करना सरकार की विफलता दर्शाता है।

मांगों पर कायम है CJP प्रवक्ता सौरव दास ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के प्रस्ताव के बावजूद पार्टी अपनी मांगों पर पूरी तरह कायम है। बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर डटे हैं और संसद से नीट पेपर लीक मामले में ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच की वार्ता को इस संकट के समाधान के रूप में देखा जा रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

वनडे में फिर से बादशाहत कायम करेगी टीम इंडिया? इन 4 गेम चेंजर्स की वापसी से बदलेगी तस्वीर

Story 1

दिल्ली से टोरंटो तक गूंजा CJP आंदोलन: नीट पेपर लीक और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरा जनसैलाब

Story 1

कराची की साइकिल एंबुलेंस का सच: क्या वाकई मजाक का पात्र है यह पहल?

Story 1

जंतर-मंतर पर फिर लौटा CJP का संग्राम, अभिजीत दीपके बोले- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा संसद मार्च

Story 1

अमेरिका के लिए नया संकट: हूतियों ने सऊदी अरब को घेरा, खाड़ी में बढ़ सकता है तनाव

Story 1

जंतर-मंतर लाठीचार्ज: चंद्रशेखर आजाद का संसद में महा-धरना , बोले- न्याय तक नहीं उठूंगा

Story 1

संसद तक पहुंचा पेपर लीक का दंगल : सुरक्षा घेरे में सरकार, सड़कों पर छात्रों का उबाल

Story 1

रोहित शर्मा का सीक्रेट हुआ वायरल: क्या वाकई दाल-चावल ही है उनका असली प्यार?

Story 1

नाम क्यों छिपाया? जंतर-मंतर पर बिना नेमप्लेट के लाठियां बरसाते RAF जवान, वायरल वीडियो ने खड़ी की बड़ी बहस

Story 1

फीफा वर्ल्ड कप 2026: 96 साल में पहली बार हुआ कुछ ऐसा, स्पेन के खिलाड़ियों को मिली हीरों से जड़ी चैंपियनशिप रिंग