फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस रोमांचक जीत के बाद एक भावुक दृश्य ने पूरी दुनिया का दिल जीत लिया। जैसे ही सीटी बजी, टीम के 19 वर्षीय स्टार खिलाड़ी लामिन यमाल मैदान पर घुटनों के बल बैठ गए और आसमान की ओर हाथ उठाकर ईश्वर का शुक्रिया अदा किया।
यमाल के इस अंदाज को देखकर मोरक्को में जश्न का माहौल है। स्पेन के लिए खेलने वाले यमाल की जड़ें मोरक्को से जुड़ी हैं और वे एक मुस्लिम खिलाड़ी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर सोशल मीडिया पर मोरक्को और दुनियाभर के प्रशंसकों ने बधाइयों की झड़ी लगा दी है।
13 जुलाई 2007 को बार्सिलोना में जन्मे लामिन यमाल आज दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली विंगर माने जाते हैं। अपनी कमाल की ड्रिबलिंग और प्लेमेकिंग के चलते उन्होंने बहुत कम समय में फुटबॉल जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। वे बेहद विनम्र हैं और खेल के व्यस्त शेड्यूल के बावजूद रमजान के दौरान पूरी शिद्दत से रोजे रखते हैं।
यमाल का बचपन काफी संघर्षों भरा रहा। तीन साल की उम्र में माता-पिता के अलग होने के बाद उनकी परवरिश उनकी दादी फातिमा ने की, जो 1990 में मोरक्को से स्पेन आई थीं। यमाल अपनी सफलता का श्रेय अपनी दादी और अपने समुदाय को देते हैं। मैदान पर गोल करने के बाद वे अपने हाथों से 304 का इशारा करते हैं, जो उनके गृह क्षेत्र रोकाफोंडा (पोस्टकोड 08304) के प्रति उनके लगाव को दर्शाता है।
यमाल के जीवन का एक बेहद दिलचस्प पहलू लियोनेल मेस्सी से जुड़ा है। 2007 में एक चैरिटी फोटोशूट के दौरान 20 साल के मेस्सी ने बच्चे यमाल को नहलाया था। संयोग देखिए, 2026 वर्ल्ड कप फाइनल में वही युवा खिलाड़ी मेस्सी की अर्जेंटीना के खिलाफ जीत का नायक बनकर उभरा।
सिर्फ 6 साल की उम्र में ला मासिया अकादमी में कदम रखने वाले यमाल ने 15 साल की उम्र में बार्सिलोना के लिए डेब्यू किया। 2024-25 सीजन में बार्सिलोना को घरेलू ट्रेबल जिताने के बाद, उन्होंने 2026 वर्ल्ड कप में अपना जलवा बिखेरा। सऊदी अरब के खिलाफ गोल कर वे पेले के बाद वर्ल्ड कप में गोल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। 19 साल और 6 दिन की उम्र में वर्ल्ड कप फाइनल जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया।
यमाल केवल एक फुटबॉलर नहीं, बल्कि एक जागरूक इंसान भी हैं। नस्लवाद और मुस्लिम विरोधी टिप्पणियों के खिलाफ उन्होंने हमेशा खुलकर आवाज उठाई है। फिलिस्तीनी झंडा लहराकर एकजुटता दिखाने और यूनिसेफ के गुडविल एंबेसडर के रूप में उनकी भूमिका यह साबित करती है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझते हैं। फाइनल के बाद हारने वाले खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी को उठाना उनके खेल भावना और उनके व्यक्तित्व की महानता को दर्शाता है।
19 سنة بس.. لامين يامال (المسلم من أصول مغربية) يفوز بكأس العالم مع إسبانيا، وأول ما انتهت المباراة: جلس على الأرض يدعي ويشكر ربه 🤲
— سيف الدرعي| Saif alderei (@saif_aldareei) July 20, 2026
بطل الليغا 3 مرات
بطل اليورو
وصيف الكرة الذهبية..
والآن بطل العالم
تواضع + موهبة = أسطورة. ماشاء الله pic.twitter.com/vnxv0JnHk1
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