संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक हंगामेदार रही। सरकार की ओर से बुलाई गई इस अहम बैठक में विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी नेताओं की मौजूदगी पर कड़ा ऐतराज जताया और विरोध दर्ज कराते हुए बैठक से वॉकआउट कर दिया।
बागी नेताओं पर बवाल क्यों? विपक्ष का मुख्य विरोध इस बात पर था कि सरकार ने तृणमूल कांग्रेस के उन 20 बागी सांसदों को बैठक में बुलाया, जिन्हें अब तक पार्टी से अलग गुट के रूप में मान्यता नहीं मिली है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि इन सांसदों के अयोग्यता का मामला अभी स्पीकर के पास लंबित है, फिर भी संसदीय कार्य मंत्रालय ने उन्हें किस आधार पर निमंत्रण दिया?
संविधान के उल्लंघन का आरोप महुआ मोइत्रा ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि 91वें संविधान संशोधन के बाद किसी भी अलग गुट के लिए विलय की कोई गुंजाइश नहीं बचती। विपक्ष ने इस कदम को असंवैधानिक करार दिया। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा कि किसी भी कानूनी फैसले या पुष्टि के बिना इस तरह का कदम लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है।
लोकतंत्र का अपहरण हो रहा है आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद एन. डी. गुप्ता ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके दल के सांसदों को भी बिना किसी कानूनी आधार के अलग सीटें आवंटित की गई हैं, जबकि मामला अभी लंबित है। विपक्ष का मानना है कि यह सब विपक्ष को कमजोर करने की साजिश है।
सांकेतिक विरोध के बाद वापसी हालांकि, यह वॉकआउट केवल एक सांकेतिक विरोध तक ही सीमित रहा। विपक्षी दलों ने अपना कड़ा संदेश देने के बाद बैठक में फिर से हिस्सा लिया। राजनाथ सिंह द्वारा बुलाई गई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए सभी दलों से सहयोग मांगना था।
मानसून सत्र का गणित संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त, 2026 तक संचालित होगा। इस चार सप्ताह के सत्र में कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा आहूत यह सत्र राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा के लिए अहम माना जा रहा है, लेकिन सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष के तेवर बता रहे हैं कि सदन के भीतर सरकार के लिए राह आसान नहीं होगी।
#WATCH | Delhi: TMC MP Mahua Moitra says, Today, the entire opposition including Congress, the Samajwadi Party, DMK, JMM, Aam Aadmi Party, National Conference, Left parties, Shiv Sena UBT have all walked out of the all party meeting in protest because the so-called NCPI, which… pic.twitter.com/I3b3sdjqVK
— ANI (@ANI) July 19, 2026
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