पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर विवाद गहरा गया है। भूख हड़ताल के दौरान अस्पताल में भर्ती वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने पति को सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है।
अस्पताल पर भरोसे का संकट गीतांजलि ने याचिका में आरोप लगाया है कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन उनके पति की मेडिकल रिपोर्ट छिपा रहा है। वांगचुक को उनके परिवार, वकीलों और निजी डॉक्टरों से मिलने नहीं दिया जा रहा है, और उन्हें फोन के इस्तेमाल से भी वंचित रखा गया है।
इलाज के नाम पर अवैध हिरासत याचिकाकर्ता का दावा है कि दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को इलाज के बहाने अवैध हिरासत में रखा है। गीतांजलि ने इसे संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई है कि या तो वांगचुक को रिहा किया जाए या फिर उन्हें परिवार की इच्छा के अनुसार किसी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया जाए।
पोटैशियम लेवल पर विवाद गीतांजलि ने अस्पताल पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। अस्पताल के अनुसार, वांगचुक के शरीर में पोटैशियम का स्तर जानलेवा (2.9) तक गिर गया था। लेकिन, जब परिवार ने बाहर ब्लड टेस्ट कराया, तो पोटैशियम का स्तर सामान्य (3.5) निकला। इसी विरोधाभास के कारण परिवार अस्पताल की मंशा पर सवाल उठा रहा है।
अस्पताल में भारी सुरक्षा का पहरा पत्नी का कहना है कि वांगचुक को अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है, जिसके चारों ओर 30 पुलिसकर्मी और अस्पताल में 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके पति के स्वास्थ्य को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए अस्पताल प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
क्या कहता है सफदरजंग अस्पताल? दूसरी ओर, सफदरजंग अस्पताल ने स्वास्थ्य अपडेट जारी करते हुए कहा है कि वांगचुक के वाइटल पैरामीटर स्थिर हैं। हालांकि, लंबे समय तक चली भूख हड़ताल के चलते उनके ब्लड पैरामीटर में मामूली बदलाव हैं। अस्पताल का कहना है कि उन्हें 24 घंटे क्लिनिकल मॉनिटरिंग की जरूरत है, इसलिए उन्हें विशेषज्ञों की टीम की निगरानी में रखा गया है और सभी आवश्यक उपचार दिए जा रहे हैं।
#WATCH | Delhi: Activist Sonam Wangchuk s wife, Gitanjali J Angmo, says, Regarding the High Court order, the order never mandated hospitalization. It simply stated that an individual s health is paramount and must be monitored at regular intervals; it did not order… pic.twitter.com/Snh7R0Iw5r
— ANI (@ANI) July 18, 2026
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